इस माह में नीम का सेवन कुछ ज्यादा ही आवश्यक होता है, जानिए पूरी बजह

नमस्कार दोस्तों, चैत्र के महिने में नीम का सेवन कुछ ज्यादा ही आवश्यक होता है, जानिए पूरी बजह चैत्र के महिने को हिंदु कैलेण्डर के अनुसार पहला महिना मान

Posted 6 months ago in Natural.

User Image
Ankita parajapat
222 Friends
10 Views
3 Unique Visitors
ऐसे तो नीम का वृक्ष हर तरह से काफी अच्छा माना जाता है। वर्ष के किसी भी समय में नीम का सेवन स्वाय्थ्य के लिए लाभदायक होता है परंतु चेत्र के महिने में नीम का प्रयोग ज्यादा चलन में होता है। नीम कि पत्तियों के रस का सेवन पुरे चेत्र माह किया जाता है। माना जाता है की इससे शरीर में ठंडकरहती है तथा शरीर निरोगी रहता है और शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ जाती है। यह चैत्र के माह में नियमित रूप से लोगों द्वारा मान्यता के तौर पर किया जाता है। बदलते मौसम के दौरान सुक्ष्म जीवों से इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नीम अपने बैक्टिरिया विरोधक गुणो के कारण हमारे शरीर को उन जीवों से होने वाले संक्रमण से बचाता है। नीम की पत्ती हाथ पर रगड़ कर हाथ धोए जाएं तो हाथ से सारे बैक्टिरिया मर जाते हैं। नीम की 100 ग्राम पत्तियों को 1 लीटर पानी में पानी हरा होने तक उबालकर, इस पानी की कुछ मात्रा नहाने के पानी में मिला दी जाए तो इंफेक्शन, महासे तथा पुराने दाग धब्बों से बी छुटकारा मिलता है।नीम की निंबौलियां भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। निंबोली को पीसकर इसका रस बालों में लगाया जाए तो बालों में से जूं खत्म हो जाती हैं। गर्मियों में होने वाली घमोरिया से छुटकारा पाने के लिए भी नीम काफी किफायती साबित होता है। नीम की छाल को ‌घ‌िसकर एक लेप तैयार करके घमोरिया या फुंसी के स्थान पर लगया जाए तो वे भी शीघ्र ही मिट जाएंगी। इनके अलावा नीम का प्रयोग उमेक बिमारियों की रोकथाम में तथा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है। नीम का इस्तेमाल गर्भनिरोधक के रूप में, मधुमेह से रोकथाम के लिए, अस्थमा, बवासिर , कैंसर, आँखों कि समस्या इत्यादी रोगों में बहुत ही किफायती साबित होता है। यहां तक कि रक्त के शु‌द्धिकरण के लिए भी नीम का प्रयोग किया जाता है। संदर्भ पढ़ें रिपोर्ट

More Related Blogs

Back To Top