इस वजह से नेपाल पर कभी नहीं होता विदेशों का हमला, हैरान कर देगी वजह

हम देश की ही बात कर रहे हैं जिस पर कई बार विदेशी आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया और इस देश की संपत्ति को लूटकर अपने

Posted 8 months ago in History and Facts.

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siddharth goyal
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भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जो रहस्यों से भरे पड़े हैं. कुछ के बारे में आप जानते है और कुछ के बारे में नही पता होगा. ऐसे में हम देश की ही बात कर रहे हैं जिस पर कई बार विदेशी आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया और इस देश की संपत्ति को लूटकर अपने देश ले गए. लेकिन इसमें हैरानी की बात ये है कि पड़ोसी देश नेपाल ना तो कभी गुलाम हुआ और ना ही उसपर कभी इस्लामिक आक्रमण हुआ. इसका कारण जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. आपको बता दें, एक दिलचस्प कहानी के अनुसार गुरु गोरखनाथ ने नेपाल नरेश को एक दिव्य तलवार भेंट की थी. जो सदियों से नेपाल की रक्षा कर रही है और उस तलवार को आज भी नेपाल के एक संग्रहाल में सुरक्षित रखा गया है. लेकिन आपको ये भी बता दें कि विदेशी मुस्लिमों ने नेपाल पर कभी आक्रमण नहीं किया यह बात बिल्कुल झूठी है. 12वीं से 13वीं शताब्दी के बीच समशुद्दिन बेग आलम नाम के एक इस्लामिक आक्रमणकारी ने नेपाल पर आक्रमण किया था. इस्लामिक सेना बहुत बड़ी थी और नेपाल की गोरखा सेना उनके मुकाबले बहुत छोटी थी. फिर भी हमलावर को झुकना पड़ा. जानकारी के अनुसार इस युद्ध में गोरखा सेना हार गई और गोरखा सेनापति अकेला बचा. गोरखा सेनापति ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी और मरते वक्त उसने गोरख काली तलवार को ज़मीन में घुसाकर खंभे की तरह खड़ा कर दिया. समशुद्दिन का पैर तलवार के पास आकर रूक गया और तलवार को पार करके आगे बढ़ने की उसकी हिम्मत ही नहीं हुई. यही कारण है कि इस पर कोई हमला करने की सोचता भी नहीं है. भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जो रहस्यों से भरे पड़े हैं. कुछ के बारे में आप जानते है और कुछ के बारे में नही पता होगा. ऐसे में हम देश की ही बात कर रहे हैं जिस पर कई बार विदेशी आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया और इस देश की संपत्ति को लूटकर अपने देश ले गए. लेकिन इसमें हैरानी की बात ये है कि पड़ोसी देश नेपाल ना तो कभी गुलाम हुआ और ना ही उसपर कभी इस्लामिक आक्रमण हुआ. इसका कारण जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. आपको बता दें, एक दिलचस्प कहानी के अनुसार गुरु गोरखनाथ ने नेपाल नरेश को एक दिव्य तलवार भेंट की थी. जो सदियों से नेपाल की रक्षा कर रही है और उस तलवार को आज भी नेपाल के एक संग्रहाल में सुरक्षित रखा गया है. लेकिन आपको ये भी बता दें कि विदेशी मुस्लिमों ने नेपाल पर कभी आक्रमण नहीं किया यह बात बिल्कुल झूठी है. 12वीं से 13वीं शताब्दी के बीच समशुद्दिन बेग आलम नाम के एक इस्लामिक आक्रमणकारी ने नेपाल पर आक्रमण किया था. इस्लामिक सेना बहुत बड़ी थी और नेपाल की गोरखा सेना उनके मुकाबले बहुत छोटी थी. फिर भी हमलावर को झुकना पड़ा. जानकारी के अनुसार इस युद्ध में गोरखा सेना हार गई और गोरखा सेनापति अकेला बचा. गोरखा सेनापति ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी और मरते वक्त उसने गोरख काली तलवार को ज़मीन में घुसाकर खंभे की तरह खड़ा कर दिया. समशुद्दिन का पैर तलवार के पास आकर रूक गया और तलवार को पार करके आगे बढ़ने की उसकी हिम्मत ही नहीं हुई. यही कारण है कि इस पर कोई हमला करने की सोचता भी नहीं है. भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जो रहस्यों से भरे पड़े हैं. कुछ के बारे में आप जानते है और कुछ के बारे में नही पता होगा. ऐसे में हम देश की ही बात कर रहे हैं जिस पर कई बार विदेशी आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया और इस देश की संपत्ति को लूटकर अपने देश ले गए. लेकिन इसमें हैरानी की बात ये है कि पड़ोसी देश नेपाल ना तो कभी गुलाम हुआ और ना ही उसपर कभी इस्लामिक आक्रमण हुआ. इसका कारण जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे. आपको बता दें, एक दिलचस्प कहानी के अनुसार गुरु गोरखनाथ ने नेपाल नरेश को एक दिव्य तलवार भेंट की थी. जो सदियों से नेपाल की रक्षा कर रही है और उस तलवार को आज भी नेपाल के एक संग्रहाल में सुरक्षित रखा गया है. लेकिन आपको ये भी बता दें कि विदेशी मुस्लिमों ने नेपाल पर कभी आक्रमण नहीं किया यह बात बिल्कुल झूठी है. 12वीं से 13वीं शताब्दी के बीच समशुद्दिन बेग आलम नाम के एक इस्लामिक आक्रमणकारी ने नेपाल पर आक्रमण किया था. इस्लामिक सेना बहुत बड़ी थी और नेपाल की गोरखा सेना उनके मुकाबले बहुत छोटी थी. फिर भी हमलावर को झुकना पड़ा. जानकारी के अनुसार इस युद्ध में गोरखा सेना हार गई और गोरखा सेनापति अकेला बचा. गोरखा सेनापति ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी और मरते वक्त उसने गोरख काली तलवार को ज़मीन में घुसाकर खंभे की तरह खड़ा कर दिया. समशुद्दिन का पैर तलवार के पास आकर रूक गया और तलवार को पार करके आगे बढ़ने की उसकी हिम्मत ही नहीं हुई. यही कारण है कि इस पर कोई हमला करने की सोचता भी नहीं है.

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