इस श‍िवल‍िंग में है युधिष्ठर की मण‍ि, छूने पर हाथ होता है सुन्न

खजुराहो को सैकड़ों साल पुराने चंदेलकालीन मंदिरों के कारण विश्व विख्यात वर्ल्ड हेरिटेज यूनेस्को साईट के रूप में जाना जाता है.

Posted 7 months ago in Other.

User Image
suresh machar
69 Friends
55 Views
66 Unique Visitors
इतिहास में यहां 85 मंदिरों के मौजूद होने के प्रमाण है जिनमें से आज करीब 25 मंदिर ही दिखाई देते हैं.


कहा जाता है कि चन्देल कालीन राजाओं के इन मंदिरों में सिर्फ एक मतंगेश्वर मंदिर का निर्माण पूजा-पाठ के उद्देश्य से किया गया था, जहां आज भी धार्मिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की जाती है.


मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह मंदिर चंदेल कालीन मंदिरों में सबसे ज्यादा पुराना है जिसका निर्माण पूजा-पाठ करने के उद्देश्य से बनाया गया था. यहां आज भी रीति-रिवाज से पूजा-पाठ होती आ रही है. खजुराहो के अन्य मंदिरों की तरह इस मंदिर का भी अपना अलग इतिहास और कथाएं प्रचलित हैं जिनमें से मर्कतेश्वर नाम होने का भी अपनी मिथक है और अपनी-अपनी भ्रांतियां हैं.


लेखों के अनुसार शिवलिंग में मरकत मणि होने का कारण राजा चंद्रदेव द्वारा राज्य की सुरक्षा के लिए दबाया होना बताया. वहीं, पौराणिकता को देखें तो युधिष्ठिर के पास इस मरकत मणि होने की बात कही जाती है जो एक मूर्ति में जड़ी थी. चंद्रदेव ने इस शिवलिंग में इस मणि को दबा दिया था जिसके कारण यह शिवलिंग ठंडा रहता है. शिवलिंग को गले लगाया जाता है. गले लगाते समय लोगों के हाथों में सुन्न का होने का अहसास शिवलिंग में मरकत मणि होने का प्रमाण माना जाता है.


बताया जाता है कि युधिष्ठिर के पास एक मूर्ति थी जिसमें मरकत मणि थी. युधिष्ठिर की मूर्त‍ि को इस शिवलिंग में दबा दिया गया था जिसका अहसास शिवलिंग को स्पर्श करने पर होता है. शिवरात्रि के अवसर पर मतंगेश्वर महादेव मंदिर की महत्ता और भी अधिक बढ़ जाती है.


रिपोर्ट
6


Aajtak.in
+ फॉलो करें
रेकेमेंडेड लेख
शर्म से सिर झुका लीजिए, जिन्होंने युद्ध में गंवाए शरीर के अंग, उनसे मुकदमा लड़ रही है सरकार
भारतीय एयरस्ट्राइक का सबसे बड़ा सबूत, फोटो में देखिए जैश के खंडहर बन चुके ठिकाने
उत्तर भारत के कई राज्यों में बदला मौसम का मिजाज, बारिश का पूर्वानुमान
हॉट नया
हम आपके कमैंट्स का इंतज़ार कर रहें हैं

More Related Blogs

Back To Top