उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश या यूपी भारत क सभसे ढेर जनसंख्या वाला राज्य आ दुनिया में सभसे ढेर जनसंख्या वाला देस-उपबिभाग बाटे।

Posted 7 months ago in Other.

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anjana surata
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उत्तर प्रदेश या यूपी भारत क सभसे ढेर जनसंख्या वाला राज्य आ दुनिया में सभसे ढेर जनसंख्या वाला देस-उपबिभाग बाटे। भारतीय उपमहादीप के उत्तरी-बिचला इलाक में पड़े वाला एह राज्य के कुल आबादी लगभग 200 मिलियन (2 अरब) बाटे। लखनऊ एह राज्य के राजधानी हवे। उत्तर प्रदेश اتر پردیش‎ राज्य उत्तर प्रदेश बीच में: बनारस क मुंशी घाट; ऊपर से घड़ी के दिसा में: ताज महल; काशी विश्वनाथ मंदिर; बुलंद दरवाजा; एत्मादुदौला के मकबरा; इलाहाबाद में नया यमुना पुल; सारनाथ में धम्मेक स्तूप; प्रेम मंदिर, मथुरा; इलाहाबाद विश्वविद्यालय Coat of arms भारत में लोकेशन निर्देशांक: 26°51′N 80°55′E / 26.85°N 80.91°E देस भारत राज्य के दर्जा 26 जनवरी 1950 राजधानी लखनऊ जिला 75[1] सरकार • संस्था उत्तर प्रदेश सरकार • राज्यपाल राम नाइक[2] • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (भाजपा) • बिधानसभा दू सदनी बिधानपरिषद 100 बिधानसभा 404 • संसद सीट राज्यसभा 31 लोकसभा 80 • हाइकोर्ट इलाहाबाद हाइकोर्ट रकबा • कुल 240,928 किमी2 (93,023 बर्गमील) रकबा रैंक 4था जनसंख्या (2011)[1] • कुल 199,281,477 • रैंक 1 • जनघनत्व 830/किमी2 (2,100/बर्गमील) भाषा • ऑफिशियल हिंदी • दूसर ऑफिशियल उर्दू • अन्य लोकल भोजपुरी, अवधी टाइम जोन आइएसटी (यूटीसी+05:30) UN/LOCODE IN-UP गाड़ी नंबरप्लेट UP 01—XX एचडीआइ 0.5415 (medium) एचडीआइ रैंक 18वाँ (2007-08) साक्षरता 67.7% 77.3% (पुरुष) 57.2% (महिला) वेबसाइट www.up.gov.in ब्रिटिश शासन के दौरान 1 अप्रैल 1937 के यूनाइटेड प्रोविंस के नाँव से ई प्रदेश के रूप में बनावल गइल आ आजादी के बाद 1950 में एकर नाँव बदल के उत्तर प्रदेश रखाइल। 9 नवंबर 2000 के एह राज्य से उत्तरी पहाड़ी इलाका के अलग क के उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) राज्य बनल। वर्तमान में, प्रशासन खातिर ई अठारह गो मंडल आ 75 जिला में बिभाजित कइल गइल बा। भूगोलीय रूप से ई राज्य गंगा के मैदान के सपाट हिस्सा में स्थित बा आ इहाँ उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु पावल जाले। राज्य के पछिम ओर राजस्थान; उत्तर-पच्छिम में हरियाणा, दिल्ली आ हिमाचल प्रदेश; उत्तर में उत्तराखंड आ नेपाल; पूरुब ओर बिहार आ दक्खिन ओर मध्य प्रदेश बाड़ें; जबकि एकदम दक्खिन-पूरुब के छोर पर एकर कुछ सीमा झारखंड आ छत्तीसगढ़ के साथ भी सटल बा। कुल 243,290 बर्ग किलोमीटर (93,933 बर्गमील) रकबा वाला ई राज्य भारत के 7.33% भाग हवे आ चउथा सबसे बड़ राज्य भी हवे। अर्थब्यवस्था के आकार के मामिला में ई भारत के तीसरा सभसे बड़ राज्य बा जहाँ जीडीपी ₹9,763 बिलियन (US$150 बिलियन) बाटे। खेती आ सर्विस क्षेत्र प्रमुख आर्थिक कामकाज बाड़ें; सर्विस सेक्टर में परिवहन, पर्यटन, होटल, अचल संपत्ति, इंशोरेंस आ फाइनेंस संबंधी चीज सामिल बाटे। गाजियाबाद, बुलंदशहर, कानपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद, भदोही, रायबरेली, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, सोनभद्र, आ बनारस एह राज्य में औद्योगिक रूप से महत्व वाला शहर बाने। प्राचीन आ मध्य्कालीन दौर में उत्तर प्रदेश ताकतवर राज सभ के भूमि रहल बा। इहाँ प्राकृतिक आ इतिहासी पर्यटन के कई जगह बा जइसे की आगरा, बनारस, कौशांबी, बलियाँ, श्रावस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर, लखनऊ, इलाहाबाद इत्यादि। धार्मिक रूप से हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख शाखा वैष्णव मत के दू गो अवतार राम आ कृष्ण एही राज्य में पैदा भइल बतावल जालें आ अजोध्या आ मथुरा प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ हवें। गंगा के तीरे बसल बनारस आ गंगा आ यमुना नदी के संगम पर मौजूद इलाहाबाद के हिंदू धरम में बहुत महत्व बा। दूर उत्तर-पूरुब कोना पर मौजूद गोरखपुर नाथ सम्प्रदाय के संस्थापक गोरखनाथ के भूमि मानल जाले। इतिहास संपादन आदिकाल संपादन शिकार आ भोजन संग्रह करे वाला आदिम मनुष्य लोग के उपस्थिति एह इलाका में रहल जहाँ आज के उत्तर प्रदेश बा[3][4][5] आ अनुमान बा की ई लोग[6] 85,000 से 72,000 साल पहिले इहाँ रहे। इहाँ से पुरापाषाणकाल के चीज भी मिलल बा जे 21,000–31,000 साल पुरान बतावल गइल बा[7] आ मेसोलिथिक/माइक्रोलिथिक जमाना के आदिम लोग के 10550–9550 ईसा पूर्व के बस्ती के अवशेष प्रतापगढ़ जिला से मिलल बा जेह में पालतू मवेशी, बकरी आ भेड़ पाले आ खेती के सुरुआत के प्रमाण कम से कम 6000 ईसा पूर्व तक ले के मिलल बा जे धीरे-धीरे c. 4000 से 1500 ईसापूर्व ले बिकसित भइल; सिंधु घाटी सभ्यता आ हड़प्पा संस्कृति के दौर से होत वैदिक काल आ लोहा के जुग ले आइल।[8][9][10] प्राचीन जुग संपादन राम के बनगमन के दृश्य, सीता आ लछमन के साथ। महाजनपद काल में कोसल राज्य के बिस्तार ओही इलाका में रहे जवन आज के जमाना के उत्तर प्रदेश के सीमा के भीतर आवे ला।[11] हिंदू कथा के मोताबिक अवतारी पुरुष राम अजोध्या के राजा रहलन जे कोसल के राजधानी रहे।[12] कृष्ण, हिंदू कथा के अन्य पात्र, जिनके महाभारतमहाजनपद काल में कोसल राज्य के बिस्तार ओही इलाका में रहे जवन आज के जमाना के उत्तर प्रदेश के सीमा के भीतर आवे ला।[11] हिंदू कथा के मोताबिक अवतारी पुरुष राम अजोध्या के राजा रहलन जे कोसल के राजधानी रहे।[12] कृष्ण, हिंदू कथा के अन्य पात्र, जिनके महाभारत में प्रमुख भूमिका रहल आ जिनके बिष्णु के अवतार मानल जाला, उत्तर प्रदेश के मथुरा में पैदा भइल बतावल जालें।[11] महाभारत के लड़ाई ऊपरी दुआबा आ दिल्ली के आसपास के इलाका में भइल रहल जहाँ कुरु महाजनपद रहल आ पांडव लोग के शासन भइल। इतिहास के हिसाब से कुरु जनपद के काल उहे हवे जे करिया आ लाल माटी के बर्तन वाला जुग हवे, यानि उत्तरी-पच्छिमी भारत में लोहा जुग के सुरुआत, लगभग 1000 ईसा पूर्व के समय।[11] दक्खिन भारत पर हमला करे वाला ज्यादातर लोग गंगा के मैदान के इलाका से जरूर गुजरल जेकरा आज के उत्तर प्रदेश कहल जाला। एह इलाका पर कंट्रोल कइल सगरी भारतीय साम्राज्य सभ खातिर बहुत महत्व के चीज रहल बा आ अपना स्थायित्व आ बिकास खातिर सगरी बड़हन साम्राज्य सभ एह इलाका के महत्व दिहले बाने, एह में मौर्य (320–200 BC), कुषाण (CE 100–250), गुप्त (350–600), आ गुर्जर-प्रतिहार (650–1036) साम्राज्य के नाँव गिनावल जा सकत बाटे।[13] गुप्त साम्राज्य के तूर देवे वाला हूण आक्रमण के पाछे-पाछे गंगा के मैदान के एह इलाका में कन्नौज के उदय भइल।[14] हर्षवर्धन (590–647) के राज में कन्नौज के राजघराना अपना चरम पर पहुँच गइल।[14] एह समय ई पंजाब से लेके गुजरात ले आ पूरुब में बंगाल से उड़ीसा ले बिस्तार लिहले रहल।[11] एह में मध्य भारत के कुछ अइसन इलाका भी शामिल रहल जे नर्मदा नदी के दक्खिन के इलाका रहल, पूरा गंगा-जमुना मैदान टेम्पलेट एकर भाग रहबे कइल।[15] वर्तमान भारत में कई समुदाय बाने जे अपना के एह कन्नौज के राज से फइलल लोग के बंसज बतावे ला।[16] हर्ष के मउअति के बाद उनके ई साम्राज्य कई राजघराना सभ में टूट गइल, इनहन पर गुर्जर-प्रतिहार लोग आक्रमण कइल आ शासन कइल, एकरा बाद ई लोग के बंगाल के पाल बंस के भी चुनौती दिहल।[15] कन्नौज पर दक्खिनी भारत के राष्ट्रकूट बंस के लोग द्वारा आठवी से दसवीं सदी के बीच भी कई गो आक्रमण भइल।[17][18] मध्यकाल आ सुरुआती आधुनिक जुग संपादन 16वीं सदी में, फरगाना घाटी (आधुनिक उजबेकिस्तान) के रहे वाला आ तैमूर आ चंगेज खान के बंसज, बाबर द्वारा खैबर दर्रा से हो के दक्खिनी एशिया में आक्रमण कइल गइल आ मुग़ल साम्राज्य के स्थापना भइल जेह में वर्तमान समय के अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उत्तर भारत आ बांग्लादेश के हिस्सा आवे लें।[19] मुग़ल लोग मध्य एशिया के तुर्क लोग के बंसज रहे आ इनहन लोग के बंस में मंगोल पूर्वज लोग के भी मिलावट रहे। मुग़ल काल में उत्तर प्रदेश के इलाका साम्राज्य के हिरदय (हार्टलैंड) नियर बन गइल।[16] मुग़ल शासक बाबर आ हुमायूँ दिल्ली से शासन कइल।[20][21] साल 1540 में अफगान योद्धा, शेर शाह सूरी द्वारा मुग़ल बादशाह हुमायूँ के हरा के उत्तर प्रदेश पर अधिकार जमा लिहल गइल।[22] शेर शाह आ उनके लड़िका इस्लाम शाह द्वारा उत्तर प्रदेश पर ग्वालियर से शासन कइल गइल।[23] इस्लाम शाह के मौत के बाद उनके परधानमंत्री हेमू उत्तर प्रदेश के डि फैक्टो शासक बन गइल अ एह राज में बिहार, मध्य प्रदेश, आ बंगाल के पच्छिमी हिस्सा भी शामिल रहल। हेमू आपन टाइटिल हेमचंद्र विक्रमादित्य रखलें आ उनके औपचारिक राज्यारोहण दिल्ली के पुराना किला में 7 अक्टूबर 1556 के भइल। पानीपत के दूसरा जुद्ध में हेमू के निधन भइल आ उत्तर प्रदेश पर अकबर क शासन स्थापित भइल।[24] अकबर द्वारा आगरा आ फतेहपुर सीकरी से शासन चलावल गइल।[25] 18वीं सदी में मुगल साम्राज्य के पतन के बाद खाली जगह के मराठा साम्राज्य द्वारा भरल गइल आ मराठा लोग उत्तर प्रदेश पर हमला कइल जेह में रोहिल्ला लोग हार गइल आ रुहेलखण्ड पर रघुनाथ राव आ मल्हाराव होलकर के शासन हो गइल। मराठा आ रोहिल्ला लोग के बिचा में संघर्ष के अंत भइल 18 दिसंबर 1788 के, जब नजीबुद्दौला के पोता गुलाम कादिर के महादजी सिंधिया द्वारा हरा के गिरफ्तार क लिहल गइल। 1803 में दूसरा आंग्ल-मराठा जुद्ध के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा मराठा लोग के हरा दिहल गइल आ उत्तर प्रदेश पर अंगरेजी राज स्थापित हो गइल।[26]
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