क्या होता है ग्लोबल आतंकी, कब तक मसूद अजहर को बचा सकता है पाकिस्तान

क्या होता है ग्लोबल आतंकी, कब तक मसूद अजहर को बचा सकता है पाकिस्तान

Posted 5 months ago in News and Politics.

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khushbu Rajput
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संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकी मास्टर माइंड मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने को भारत की बड़ी जीत बताया जा रहा है. जैश ए मोहम्मद के इस सरगना को साल 2001 में हुए भारतीय संसद में हुए हमले से लेकर हालिया पुलवामा अटैक तक का आरोपी माना जाता है. लेकिन पाकिस्तान लगातार यह कहता रहा है कि भारत के पास मसूद अजहर को आरोपी माने जाने लायक कोई सबूत नहीं है.


लेकिन अर्से तक पाकिस्तान यह कहता रहा कि मसूद उसके देश में नहीं है. लेकिन पुलवामा हमले के बाद एक सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यह माना कि मसूद अजहर उनके देश में है और बीमार है. उन्होंने यह भी माना कि वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में यह जानना जरूरी होता है कि ग्लोबल आतंकी के मायने क्या होते हैं और अब जब मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया गया है तो पाकिस्तान का अलगा कदम क्या होगा.


ग्लोबल आतंकी के मायने

1. ग्लोबल टेररिस्ट या वैश्विक आतंकी घोषित होते ही संयुक्त राष्ट्र के नियमों के मुताबिक दुनिया के सभी देश बिना देरी किए, उस व्यक्ति के साथ ही उससे संबंधित समूहों और संस्थाओं की भी धन, वित्तीय संपत्ति और आर्थिक संसाधन जब्त कर लेते हैं.


2. ग्लोबल टेररिस्ट घोषित हो जाने के बाद उस व्यक्ति का दुनिया के किसी भी दूसरे देश में आने-जाने पर प्रतिबंध लग जाता है.


3. UN की प्रतिबंध सूची में शामिल होने के साथ ही मसूद अजहर किसी देश या संगठन के हथियार खरीदने के लिए भी प्रतिबंधित हो जाएगा.


4. वैश्विक हथियार कंपनियां भी उसके साथ अपने पुर्जों, मैटेरियल और तकनीकी की जानकारियां साझा नहीं करती हैं.



5. ग्लोबल टेररिस्ट घोषित होने के बाद कोई भी शख्स किसी भी देश का झंडा लगा वायुयान या जलपोत भी उपयोग नहीं कर पाएगा.


पाकिस्तान अब क्या करेगासंयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकी मास्टर माइंड मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने को भारत की बड़ी जीत बताया जा रहा है. जैश ए मोहम्मद के इस सरगना को साल 2001 में हुए भारतीय संसद में हुए हमले से लेकर हालिया पुलवामा अटैक तक का आरोपी माना जाता है. लेकिन पाकिस्तान लगातार यह कहता रहा है कि भारत के पास मसूद अजहर को आरोपी माने जाने लायक कोई सबूत नहीं है.


लेकिन अर्से तक पाकिस्तान यह कहता रहा कि मसूद उसके देश में नहीं है. लेकिन पुलवामा हमले के बाद एक सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यह माना कि मसूद अजहर उनके देश में है और बीमार है. उन्होंने यह भी माना कि वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में यह जानना जरूरी होता है कि ग्लोबल आतंकी के मायने क्या होते हैं और अब जब मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया गया है तो पाकिस्तान का अलगा कदम क्या होगा.


ग्लोबल आतंकी के मायने

1. ग्लोबल टेररिस्ट या वैश्विक आतंकी घोषित होते ही संयुक्त राष्ट्र के नियमों के मुताबिक दुनिया के सभी देश बिना देरी किए, उस व्यक्ति के साथ ही उससे संबंधित समूहों और संस्थाओं की भी धन, वित्तीय संपत्ति और आर्थिक संसाधन जब्त कर लेते हैं.


2. ग्लोबल टेररिस्ट घोषित हो जाने के बाद उस व्यक्ति का दुनिया के किसी भी दूसरे देश में आने-जाने पर प्रतिबंध लग जाता है.


3. UN की प्रतिबंध सूची में शामिल होने के साथ ही मसूद अजहर किसी देश या संगठन के हथियार खरीदने के लिए भी प्रतिबंधित हो जाएगा.


4. वैश्विक हथियार कंपनियां भी उसके साथ अपने पुर्जों, मैटेरियल और तकनीकी की जानकारियां साझा नहीं करती हैं.



5. ग्लोबल टेररिस्ट घोषित होने के बाद कोई भी शख्स किसी भी देश का झंडा लगा वायुयान या जलपोत भी उपयोग नहीं कर पाएगा.


पाकिस्तान अब क्या करेगा

मसूद अजहर ग्लोबल टेररिस्ट घोषित हो गया है. अब वह नियमानुसार पाकिस्तान में भी स्वतंत्र रूप से यात्रा नहीं कर पाएगा. क्योंकि सरकार का लक्ष्य उसे पकड़ना होगा. एक ग्लोबल टेररिस्ट अगर फिर भी पाकिस्तान में स्वतंत्र घूमता रहा तो पाकिस्तान की वैश्विक साख को इससे नुकसान पहुंचेगा. ऐसे में पाकिस्तान को उसे गिरफ्तार करना होगा.

मसूद अजहर ग्लोबल टेररिस्ट घोषित हो गया है. अब वह नियमानुसार पाकिस्तान में भी स्वतंत्र रूप से यात्रा नहीं कर पाएगा. क्योंकि सरकार का लक्ष्य उसे पकड़ना होगा. एक ग्लोबल टेररिस्ट अगर फिर भी पाकिस्तान में स्वतंत्र घूमता रहा तो पाकिस्तान की वैश्विक साख को इससे नुकसान पहुंचेगा. ऐसे में पाकिस्तान को उसे गिरफ्तार करना होगा.

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