जबरदस्त कॉमेडी लेकिन भटक गई फिल्म

मुंबई. लिव इन रिलेशनशिप को भारत का समाज और मानिकता भले ही हजम नहीं हो पाती है। लेकिन बॉलीवुड के लिए ये एक हिट सब्जेक्ट है। लिव इन रिलेशनशिप को लेकर बॉलीवुड में पहले भी वेक अप सिड, बचना ऐ हसीनों, अर्थ जैसी फिल्में बन चुकी हैं।अब इस सिलसिले को आगे बढ़ाया है रोमांटिक कॉमेडी फिल्म लुका छुपी ने।

Posted 3 months ago in Entertainment.

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Raj Singh
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मुंबई. लिव इन रिलेशनशिप को भारत का समाज और मानिकता भले ही हजम नहीं हो पाती है। लेकिन बॉलीवुड के लिए ये एक हिट सब्जेक्ट है। लिव इन रिलेशनशिप को लेकर बॉलीवुड में पहले भी वेक अप सिड, बचना ऐ हसीनों, अर्थ जैसी फिल्में बन चुकी हैं।अब इस सिलसिले को आगे बढ़ाया है रोमांटिक कॉमेडी फिल्म लुका छुपी ने। 

कहानी 
लुका छुपी यूपी के छोटे से शहर मथुरा से शुरू होती है। यहां गुड्डू (कार्तिक आर्यन) एक लोकल चैनल का स्टार रिपोर्टर है। वहीं, रश्मि (कृति सेनन) दिल्ली से मीडिया की पढ़ाई करने के बाद गुड्डू के लोकल चैनल में इंटर्नशिप शुरू करती हैं।  यहां से शुरू होती है दोनों की लव स्टोरी। लेकिन इस स्टोरी में ट्विस्ट तब आता है जब रश्मि शादी के बजाय गुड्डू के साथ लिव इन में रहा चाहती हैं। 

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दरअसल रश्मि गुड्डू के साथ लिव इन में रहकर उसे परखना चाहती हैं। लेकिन, रश्मि के पिता जो एक राजनीतिक पार्टी के संस्कृति ग्रुप के सदस्य हैं, वह इसके कड़े विरोधी हैं।  लेकिन, रश्मि अपनी लाइफ से कोई समझौता नहीं करना चाहती हैं। ऐसे में दोनों की मदद करता है उनका दोस्त अब्बास (आपारशक्ति खुराना) । लेकिन,  इस तिकड़म में क्या रायता फैलता है इसके लिए आपको थिएटर में फिल्म देखनी होगी। 
एक्टिंग 
बॉलीवुड में एक होते हैं एक्टर और दूसरे स्टार्स। कार्तिक आर्यन स्टार बनने के रास्ते में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। फिल्म में कार्तिक आर्यन का भोलापन और एक्स्प्रेशन आपको सीट से चिपकाए रखेगी। वहीं, कृति सेनन का बरेली की बर्फी वाला चार्म इस फिल्म में भी बरकरार है।

अपारशक्ति खुराना ने भी अपने किरदार से इंप्रेस किया है। लेकिन, एक्टिंग के मामले में पंकज त्रिपाठी सारी लाइमलाइट लूटकर ले गए हैं। इससे पहले भी पंकज त्रिपाठी कॉमेडी फिल्में कर चुके हैं लेकिन, इस बार वह बिल्कुल अलग अवतार में नजर आ रहे हैं।  
कमजोर कड़ी 
कोई भी फिल्म परफेक्ट नहीं होती है। लुका छुपी भी इससे अलग नहीं है। डायरेक्टर लक्षमण उतेकर ने सिनेमेटोग्राफी में भले ही अच्छा काम किया हो, लेकिन फिल्म की स्क्रिप्ट देखने और सुनने में काफी कमजोर है। इसके अलावा फिल्म का क्लाइमैक्स जहां उम्मीद में खरा नहीं उतरा है। डायरेक्टर ने लिव इन रिलेशनशिप पर कटाक्ष करने की कोशिश तो की है लेकिन, ये बहुत ही हल्के-फुल्के अंदाज में हुई है।   

 

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