दुनिया के नरभक्षी खजानों का रहस्‍य

1.दुनिया मे आज भी हो रहा है ये काम
2. आज बतायेगे आप को की ये रहस्यमय खजाना क्या है

Posted 7 months ago in Pets and Animals.

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Pawan Malviya
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दुनिया मे हजारो साल पहले एक ज्वालामुखी हुआ था जिसके बाद से यह होने लगा है आज हमारे जीवन में खुस नही हैभारी संपत्ति और बेशुमार हीरे-जवाहरात से भरा खजाना. सुनकर ही आंखें चमक उठती हैं, मन रोमांचित हो जाता है. लेकिन ऐसे खजानों में छिपे हैं ना जाने कितने काले रहस्य. रहस्य, जो जान पर भी भारी हैं.खजाना नंबर एक है कनाडा के ओक आइलैंड का तिलिस्मी खजाना.खजाने की खोज में आपको लेकर चलेंगे एक ऐसे खजाने की तहकीकात पर... जिसे पाने की चाहत इंसान ने न जाने कब से पाल रखी है. वो खजाना, जो कहने को तो मुट्ठी में समा जाए... लेकिन जब उसकी अहमियत का अंदाजा आपको होगा, तो उसकी अकूत कीमत के बारे में आपके सारे जोड़ घटाव बेकार हो जाएंगे. और तो और उसकी कीमत का अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे. आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन सा खजाना है, जिसके बारे में आपको नहीं पता और हमें पता है, तो हम आपको बताएं कि उस खजाने के बारे में आपने भी खूब सुना होगा, लेकिन उस खजाने तक कोई पहुंचा हो या उस खजाने के मिलने की कोई पुख्ता जानकारी आप तक भी नहीं होगी.गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, कला, विकास और सुनी-अनसुनी कहानियों से आपको अवगत कराएगा। इस कड़ी में आज हम आपको बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में स्थित 'सोन भंडार गुफा' के बारे में बता रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस गुफा के नीचे बेशकीमती खजाना दफन है। इसे लूटने के लिए अंग्रेजों ने तोप से गोले बरसाए पर नाकाम रहे।    मौर्य शासक बिंबिसार ने बनवाई थी गुफा    मौर्य शासक बिंबिसार ने अपने शासन काल में राजगीर में एक बड़े पहाड़ को काटकर अपने खजाने को छुपाने के लिए गुफा बनाई थी। जिस कारण इस गुफा का नाम पड़ा था सोन भंडार। इस गुफा के बारे में कहा जाता है कि सोने को सहेजने के लिए इस गुफा को बनवाया गया था। पूरी चट्टान को काटकर यहां पर दो बड़े कमरे बनवाए गए थे।    गुफा के पहले कमरे में जहां सिपाहियों के रुकने की व्यवस्था थी। वहीं, दूसरे कमरे में खजाना रखा गया था। दूसरे कमरे को पत्थर की एक बड़ी चट्टान से ढंका गया है। जिसे आजतक कोई नहीं खोल पाया।   अंग्रेजों ने किया था तोप से उड़ाने का प्रयास, हुए थे नाकाम   अंग्रेजों ने इस गुफा को तोप के गोले से उड़ाने की कोशिश की थी, लेकिन वे इसमें नाकामयाब रहे। आज भी इस गुफा पर उस गोले के निशान देखे जा सकते हैं। अंग्रेजों ने इस गुफा में छिपे खजाने को पाने के लिए यह कोशिश की थी, लेकिन वह जब नाकाम हुए तो वापस लौट गए।

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Pawan Malviya 17 days ago 19 Views
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