बैंक की नौकरी छोड़कर गांव लौटे दो भाई, खेती से बन गए अमीर, महीने का कमाते हैं 30 लाख रुपए

जहां लोग खेती छोड़कर नौकरी की तरफ भागते हैं, वहीं पुणे के इन दो भाइयों ने सेटल्ड करियर को छोड़कर खेती को अपना व्यवसाय बना लिया।

Posted 8 months ago in Other.

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Arti thakur
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नई दिल्ली.

बैंक की अच्छी खासी नौकरियां और शहरी ज़िन्दगी छोड़कर दोनों ने छह साल में खेती को मुनाफे का सौदा बना दिया। पहले चार साल घाटा झेलने के बाद अब वे महीने के 30 लाख रुपए कमाते हैं। इन दो भाइयों- सत्यजीत (37 वर्ष) और अजिंक्य हांगे (33 वर्ष) ने दो एकड़ जमीन पर खेती से शुरुआत करके अपने शौक को कमाई का जरिया बनाया।
अपने खेतों में शौकिया तौर पर शुरू की खेती

दोनों भाइयों ने किंडरगार्टन से लेकर एमबीए तक की पढ़ाई पुणे में की। इसके बाद दोनों की बैंकों में नौकरी लग गई। जब सत्यजीत Citi Bank और अजिंक्य HSBC Bank में काम कर रहे थे तो नौकरी के दौरान दोनों गांव में अपने खाली पड़े खेतों को देखने गए। खेतों को अतिक्रमण से बचाने के लिए उन्होंने गन्ना और अन्य फलों की खेती शुरू की। यह बस शौकिया तौर पर थी, लेकिन दोनों को इसमें मजा आने लगा। मिट्‌टी, खाद, बीज और खेती के अन्य पहलुओं के बारे में जैसे-जैसे वे जानकारी जुटाते गए, उनकी खेती-बाड़ी में रुचि बढ़ती गई।

खेती के लिए छोड़ दी नौकरी

बैंकों में नौकरी करते हुए दोनों भाई 15 दिनों में दो दिन अपने गांव जाते थे और ऑर्गेनिक खेती करते थे। दो-तीन साल तक वीकेंड पर खेती करने के बाद उन्हाेंने 2011-12 में अपनी-अपनी नौकरियों को छोड़ दिया। वे शहर छोड़कर अपने गांव जा बसे और पूरी तरह खेती में जुट गए। हालांकि उनके पिता उनके इस फैसले के खिलाफ थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि पढ़ाई-लिखाई के बाद खेती करना बेवकूफी होगी। इसके बावजूद दोनों भाइयों ने 15 लाख रुपए लगाकर अपने खेतों में दो एकड़ जमीन पर अलग-अलग तरह की फसलें उगानी शुरू कीं और उन्हें लोकल मंडी में बेचने लगे।

ऐसे जुड़े ग्राहकों से

लगातार चार साल तक सारी फसलें पुणे और मुंबई की मंडियों को बेचने के बाद उनकी कुछ खास कमाई नहीु हुई। पहले साल वे सिर्फ दो लाख कमा पाए, दूसरे, तीसरे और चौथे साल वे घाटे में रहे। वे अपने फार्म पर जो पपीता उगाते थे, वह बहुत मीठा था, क्योंकि उसमें खाद के तौर पर देशी गाय का गोबर और गोमूत्र डाला जाता था। जब वे मंडी में इस पपीते को बेचने गए तो उन्हें एक टन पपीते के लिए 4000 रुपए मिल रहे थे। इतने में उनका माल-ढुलाई का खर्च भी नहीं निकल रहा था। ऐसे में उन्होंने तय किया कि वे अपने पपीते मंडी में नहीं बचेंगे, बल्कि उन्होंने वापस लौटते हुए रास्ते में मिलने वाले 10-15 फल विक्रेताओं को 1000 kg पपीते सैंपल के तौर पर दे दिए। उन्होंने विक्रेताओं से कहा कि अगर उनके पपीतों के बारे में कोई पूछता है तो वे उन दोनों से संपर्क करें। इसके बाद अगले छह महीने तक उन दोनों को उन फल विक्रेताओं से ऑर्डर मिलते रहे। मंडी में जहां उनके पपीतों को 4-5 रुपए प्रति किलो का भाव मिल रहा था, वहीं सीधे इन विक्रेताओं को बेचने पर उन्हें एक किलाे पपीते के लिए 15 रुपए मिलते थे।

बड़ी कंपनियों से जुड़े

Star Bazaar के मैनेजर ने उनके पपीते खाए और उउनसे कहा कि वे अपने पपीते स्टार बाजार में रखना शुरू करें। ऐसे में उन्होंने अपने पपीते, ड्रमस्टिक्स और भी अन्य उत्पादों को मॉल में बेचना शुरू किया। इसके बाद रिलायंस फ्रेश (Reliance Fresh), नेचर्स बास्केट (Nature’s Basket) ने भी उनके उत्पादों को बेचना शुरू किया। दो साल उन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर अपने फल, दालें व अन्य उत्पाद बेचे। मॉल्स में दो साल अपने उत्पाद बेचने के बाद दोनों ने कस्टमर्स से डायरेक्टली डील करने के बारे में सोचा। ऐसे में उन्होंने मुंबई के बांद्रा के बाजार में सड़क पर खड़े होकर लोगों को अपने उत्पादों के बारे में बताना शुरू किया। इस तरह उन्होंने अपना कस्टमर बेस तैयार किया और पिछले दो साल से वे डायरेक्टली अपने उत्पाद बेच रहे हैं।

महीने में कमाते हैं 30 लाख

दोनों भाई पूरी तरह से देशी बीजों से ऑर्गेनिक खेती करते हैं। उनके फलों, दालों और अन्य सभी फसलों की खेती में ज्यादा समय लगता है और देशी गाय की खाद डाली जाती है, ऐसे में वे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे रहते हैं। दो एकड़ में खेती से शुरुआत कर अब वे 20 एकड़ में खेती करते हैं और शुरुआती चार साल में घाटा उठाने के बाद महीने के 30 लाख रुपए कमाते हैं। उनके फार्म में 60 गिर गाय हैं, जिनका गोबर और गोमूत्र पूरे खेत में खाद के तौर पर डाला जाता है। सत्यजीत और अजिंक्य अपने खेतों में पपीता, अनार, तूर दाल, मूंग दाल, उड़द दाल, ड्रमस्टिक, गन्ना, केला उगाते हैं। गाय का चारा भी उनके खेत में ही उगाया जाता है।

कई देशों में करते है एक्सपोर्ट

उनका फार्म प्रोड्यूस अमेरिका, कनाडा समेत 14-15 देशों में उनके उत्पाद निर्यात होते हैं। वे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपने उत्पाद बेचते हैं। ऑनलाइन में वे Flipkart, Amazon पर तो अपने प्रोडक्ट्स बेचते ही हैं, साथ ही उनकी खुद का भी Two Brothers Organic Farm नाम से ऑनलाइन स्टोर है। ऑफलाइन में वे ऐसे रिटेलर्स को उत्पाद सप्लाई करते हैं जो सिर्फ ऑर्गेनिक उत्पाद बेचते हैं। उनके खरीदारों की सूची में कई बालीवुड हस्तियां और देश के कई अमीर बिजनेसमैन शामिल हैं।

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