मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फैसला

1. कश्मीर में आयात निरियत बन्द
2. कई तीर्थ इस्तान पर जाना हुआ बंद

Posted 9 months ago in News and Politics.

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Pawan Malviya
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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इस बार सर्दी के दिन बढ़ गए हैं तो दूसरी ओर हिमालयी क्षेत्रों में बफर्बारी पिछले सालों के मुकाबले अधिक हो रही है। उत्तर भारत के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में फरवरी के पहले हफ्ते में बारिश और बर्फबारी हुई है। इस संबंध में मौसम विभाग का कहना है कि हमने एक हफ्ते पहले ही चेताया था कि फरवरी के पहले हफ्ते में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) में बर्फबारी हो सकती है और वहीं उत्तर भारत के जमीनी इलाकों में बारिश होने के साथ-साथ ओला पड़ने की भी आशंका है। इसका कारण बताया गया है कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से टकराया है, इसी का असर है कि इन दिनों में पर्वतीय इलाकों से लेकर मैदानी इलाकों में बारिश व बर्फबारी हो रही है। मौसम में यह बदलाव जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुए ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से हो रहा है। इसकी वजह से पश्चिमी राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके कारण हवा ने अपनी दिशा बदल ली है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में इस बार सर्दी आर्कटिक से आने वाली सर्द हवाओं के कारण संभव हुई है। विभाग के अनुसार पोलर वोर्टेक्स (ध्रुवीय चक्रवात) से हवाओं में उतार-चढ़ाव के कारण दिसंबर से लेकर अब तक ठंड का असर उत्तर भारत में दिख रहा है। विभाग का कहना है कि आर्कटिक से निकलने वाली ठंड यूरोप और अमेरिका में दक्षिण की ओर फैल रही है, जो पश्चिमी विक्षोभ को उत्तर भारत की ओर धकेलती हुई प्रतीत होती है। वास्तव में यह ठंड को दक्षिणी यूरोप से उत्तर भारत की तरफ ला रही है। पश्चिमी विक्षोभ वास्तव में निम्न दाब की हवाओं के कण हैं, जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से पश्चिम और आसपास की ओर से आती हैं, जिससे ठंडी, नम हवाएं आती हैं। ये या तो हिमालय से टकराकर उत्तर भारत को प्रभावित करती हैं या फिर उत्तर की ओर उड़ जाती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि चूंकि जनवरी के अंत में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से टकराया था और इसका असर अब तक हम देख रहे हैं।

डर का माहौल

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी और तेज हवाओं ने गुरुवार शाम से एक फिर मौसम को लेकर डर का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि शुक्रवार की सुबह धूप-छांव की बारी लगी रही लेकिन कल रात के मौसम से सहमे लोगों को तसल्ली मिली। गुरुवार तड़के से ही राज्य के पर्वतीय हिस्सों में बारिश और बफर्बारी शुरू हो गई। देहरादून में भी कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरे। जिससे तापमान में गिरावट आ गई। मौसम का रुख देखते हुए राज्य में सभी आंगनबाड़ी केंद्र और बारहवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, गुरुवार को राज्य के पर्वतीय हिस्सों में मूसलाधार बारिश और बर्फबारी हुई। इस कारण राज्य के कई हिस्सों में सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। राज्य आपदा केंद्र के मुताबिक रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली में राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्से बर्फबारी के कारण बंद पड़े हैं। बारिश की वजह से इन जिलों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। देहरादून में भी मसूरी और चकराता में बर्फबारी से रास्ते बंद हो गए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सिंह के मुताबिक, पश्चिम विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की ये स्थिति लगातार बन रही है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जतायी है कि अगले चार दिन तक लोगों को बारिश और बफर्बारी से राहत मिलेगी

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Pawan Malviya 2 months ago 20 Views
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