मांझी के विवादित बयान पर बचाव में आई RJD

मसूद अजहर को साहब कहने वाले बयान पर जीतनराम मांझी के बचाव में महागठबंधन के नेताओं ने कहा दुश्मनों को सम्मान देना भारतीय संस्कृति की परंपरा है.

Posted 6 months ago in News and Politics.

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Deepak lovewanshi
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आतंकी मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किया जा चुका है. लेकिन इसपर भी सियासत कम नहीं हुई है. हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने मसूद अजहर को साहब कहकर संबोधित कर दिया है. जिसको लेकर सियासी बवाल मच गया है. आरजेडी और कांग्रेस ने मांझी का बचाव तो किया है लेकिन बचाव के क्रम में दोनों ही दलों ने एक नया विवाद खडा कर दिया है. दोनों ही दलों के नेताओं की ये दलील है कि दुश्मनों को भी सम्मान देने की भारतीय संस्कृति रही है. मांझी ने जान बूझकर किसी आतंकी को सम्मान नहीं दिया है. वहीं, बीजेपी ने बयान को मुस्लिम तुष्टीकरण से जोड़ दिया है. 

आतंकियों को साहब कहकर संबोधित करने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किया जा चुका है. लेकिन कुछ दलों के नेताओं की नजर में मसूद अजहर आज भी साहब हैं. हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी मसूद अजहर को साहब कहकर संबोधित कर दिया है. मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किये जाने से जुडे सवाल का जवाब देने के क्रम में मांझी ने आतंकी को ये सम्मान दे दिया. मांझी ने कहा कि पीएम और बीजेपी इस मुद्दे को भी अपनी ही उपलब्धि बता रही है जो सही नहीं है. हकीकत ये है कि मनमोहन सरकार के समय से ही मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किये जाने की कोशिशें चल रही है
इधर मसूद अजहर को साहब कहने को लेकर सियासी बवाल मच गया है. बीजेपी ने इसे मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति बताया है. पार्टी के प्रवक्ता अजित चौधरी ने कहा है कि मांझी, सिद्धु, दिग्वजिय सिंह जैसे नेताओं ने लगातार मसूद अजहर को साहब कहकर संबोधित किया है. ये महज मुस्लिम तुष्टिकरण की ही कोशिश है. कांग्रेस और उनके सहयोगीयों को देश की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं . ये देश को बर्बाद कर देना चाहते हैं.

वहीं आरजेडी और कांग्रेस ने मांझी का बचाव तो किया है लेकिन इस बचाव में विपक्षियों के लिए बड़ी सियासी गुंजाइस भी छोड दी है. आरजेडी नेता विजय प्रकाश ने कहा है कि दुश्मनों को भी सम्मान देना भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है, लेकिन देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है. पीएम मोदी को देश के बाहर के आतंकियों के अलावा देश में बेरोजगारी , गरीबी, अशिक्षा जैसे आतंक पर भी ध्यान देना चाहिए था. 

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष समीर सिंह ने भी कहा है कि जीतन राम मांझी ने जानबूझकर किसी आतंकी को सम्मान नहीं दिया होगा. गलती से उनकी जुबान फिसल गयी होगी. दरअसल हमारी संस्कृति में ही सबको सम्मान से संबोधित करने की परंपरा रही है.

कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड बयान के मामले में औरों से आगे निकलते नजर आए. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस कभी भी किसी आतंकी को सम्मान दिये जाने के पक्ष में नहीं है. लेकिन सवाल बीजेपी पर है जिसने गिरिराज सिंह और साध्वी प्रज्ञा जैसी भाषाई आतंकी को खुली छूट दे रखी है. ऐसे नेताओं पर भी लगाम लगनी चाहिए. बीजेपी ने तो देश के पहले आतंकी नाथूराम गोडसे का मंदिर तक बनवा दिया है.    

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