लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर देश में लागू आदर्श आचार संहिता हटी

कैबिनेट सचिव और राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों से आयोग ने कहा है कि आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है.

Posted 4 months ago in Other.

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Deepak lovewanshi
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निर्वाचन आयोग ने रविवार को कहा कि आदर्श आचार संहिता समाप्त हटा ली गयी है. दस मार्च को लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ देश में आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी.

कैबिनेट सचिव और राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों से आयोग ने कहा है कि आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है.

आचार संहिता लागू होने के बाद सत्तारूढ़ दल सरकारी तंत्र का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए नहीं कर पाते हैं. वहीं, निर्वाचन आयोग इस संहिता का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने या उन्हें लुभाने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लेने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए करता है.

पिछले महीने 11 अप्रैल को लोकसभा चुनावके पहले चरण का मतदान हुआ था. इस महीने की 19 तारीख को सातवें और आखिरी चरण का चुनाव हुआ था. मतों की गिनती 23 मई को हुई थी.
पिछले महीने 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हुआ था.

कैबिनेट सचिव और राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों से आयोग ने कहा है कि आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है.

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने रविवार को कहा कि आदर्श आचार संहिता समाप्त हटा ली गयी है. दस मार्च को लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ देश में आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी.

कैबिनेट सचिव और राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों से आयोग ने कहा है कि आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है.

आचार संहिता लागू होने के बाद सत्तारूढ़ दल सरकारी तंत्र का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए नहीं कर पाते हैं. वहीं, निर्वाचन आयोग इस संहिता का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने या उन्हें लुभाने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लेने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए करता है.

पिछले महीने 11 अप्रैल को लोकसभा चुनावके पहले चरण का मतदान हुआ था. इस महीने की 19 तारीख को सातवें और आखिरी चरण का चुनाव हुआ था. मतों की गिनती 23 मई को हुई थी.
लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर देश में लागू आदर्श आचार संहिता हटी
आचार संहिता लागू होने के बाद सत्तारूढ़ दल सरकारी तंत्र का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए नहीं कर पाते हैं. वहीं, निर्वाचन आयोग इस संहिता का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने या उन्हें लुभाने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लेने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए करता है

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