वैज्ञानिकों ने खोजा कैंसर का नया इलाज

वैजानिकों का दावा है कि उन्होंने डिकॉय मॉलिक्यूल्स विकसित किया है, जो कैंसर की कोशिकाओं का नष्ट करने की क्षमता रखता है. 

Posted 5 months ago in Other.

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Deepak lovewanshi
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कैंसर एक जानलेवा बीमारी है. दुनियाभर में ये घातक बीमारी तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है. अनहेल्दी लाइफस्टाइल से अनहेल्दी डाइट समेत कैंसर के कई कारण हो सकते हैं. लेकिन अब आप खुद को कैंसर से सुरक्षित रख सकेंगे. दरअसल, वैज्ञानिकों ने कैंसर का एक नया इलाजा ढूंढ निकाला है. वैजानिकों का दावा है कि उन्होंने डिकॉय मॉलिक्यूल्स विकसित किया है, जो कैंसर की कोशिकाओं का नष्ट करने की क्षमता रखता है. 
यह स्टडी चूहों पर की गई है. स्टडी में सामने आया है कि इस तकनीक से कैंसर कोशिकाएं शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलती नहीं हैं. साथ ही इससे ट्यूमर की ग्रोथ भी धीमी हो जाती है. 
वैज्ञानिकों का दावा है कि इस नई खोज के बाद वो ऐसी दवाइयां बना सकेंगे, जो कई तरह के कैंसर पर कारगर साबित हो सकेंगी. 
हिब्रू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा है कि किसी भी स्टडी में अभी तक कैंसर के इलाज के लिए कैंसर की कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन को टार्गेट नहीं किया गया है. 
शोधकर्ताओं ने बताया, इन्हें RNA बाइंडिंग प्रोटीन कहते हैं, क्योंकि ये RNA मॉलिक्यूल्स को बांधकर रखते है. ये प्रोटीन सभी जीवित जीवों में जीन और कई बायोलॉजिकल भूमिकाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं. 
स्टडी के मुताबिक, कैंसर कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन जो RNA से बंधते हैं, कैंसर के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं.

हिब्रू यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल रिसर्च-इजराइल-कनाडा के प्रोफेसर Rotem Karni और उनकी टीम ने यह स्टडी की है
Rotem Karni और उनकी टीम ने एक तरह का मॉलिक्यूल विकसित किया है, जो SRSF1 नाम के RNA  मॉलिक्यूल को शरीर की दूसरे ऑर्गन के बजाए खुद से चिपका लेता है. इससे कैंसर शरीर में फैलने से रुक जाता है. 
शोधकर्ताओं मे बताया कि कैंसर के इलाज के लिए दी जाने वाली कीमोथेरेपी में मरीज को जो दवाइयां दी जाती हैं वो कैंसर की कोशिकाओं पर पूरी तरह असरदार नहीं होती हैं. 
कैंसर की दवाइयां आमतौर पर कोशिकाओं पर हमला करती हैं, जिससे कोशिकाएं तेजी से विभाजित होने लगती हैं. इससे बोन मेर्रो, डाइजेस्टिव सिस्टम,  हेयर फॉलिकल्स पर बुरा असर पड़ता है, जिससे लोगों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं. लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि नई तकनीक से कैंसर का इलाज बेहतर तरीके से हो सकेगा. 

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