शादी के बाद भी कायम रहा शत्रुघ्न और रीना रॉय का रिश्ता

मुंबई : बीते जमाने की स्टार हिरोइन रीना रॉय ने कल 60 वें वसंत में कदम रखा है

Posted 8 months ago in Entertainment.

User Image
Poonam Namdev
28 Friends
6 Views
39 Unique Visitors
हिन्दू मां और मुस्लिम पिता की तीसरी संतान रीना का जन्म सात जनवरी 1957 को हुआ जिन्होंने अपनी करीब तीन दशक लम्बे फिल्मी करियर की शुरुआत 1972 में बीआर इशारा की फिल्म ‘जरूरत’ से की थी. फिल्म में उनके सह कलाकार विजय अरोड़ा. उनकी पहली फिल्म बहुत ज्यादा सफल नहीं रही लेकिन फिल्म जगत ने पहली ही फिल्म से उनकी प्रतिभा पहचान ली और जल्द ही उन्होंने मायानगरी की शीर्ष अभिनेत्रियों में अपना नाम दर्ज करवाया.रीना रॉय के फिल्मों जितनी ही चर्चित उनकी और शत्रुघ्न सिन्हा की प्रेम कहानी भी रही है.रीना और शत्रु की प्रेम कहानी कई दशकों से अखबारों की सुर्खियों में जगह पाती रही है लेकिन पिछले साल आयी शत्रुघ्न सिन्हा की जीवनी “एनिथिंग बट खामोश” ने इस कहानी पर सच्चाई की मुहर लगा दी. शत्रु की जीवनी लिखने वाली भारती एस प्रधान ने शत्रु और रीना के मित्र और फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी के हवाले से दोनों की प्रेम कहानी से जुड़ी एक मार्मिक घटना का जिक्र किया है. शत्रु और रीना ने एक दर्जन से ज्यादा फिल्मों में एक साथ काम किया जिनमें से ज्यादातर तक बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थीं.किताब के अनुसार शत्रु के सबसे करीबी मित्रों में से एक पहलाज ने बताया कि 1982 में वो शत्रु, रीना और संजीव कुमार के साथ हथकड़ी फिल्म बना रहे थे. इस फिल्म से पहले ही शत्रु और रीना का प्रेम परवान चढ़ चुका था लेकिन 1980 में शत्रु ने पूनम सिन्हा से शादी कर ली थी. शत्रु की शादी के बाद भी रीना रॉय के संग उनका संबंध जारी रहा लेकिन धीरे-धीरे रीना को लगने लगा कि शत्रु उनसे शादी नहीं करने वाले. दोनों के रिश्ते तल्ख होने लगे. दोनों की तनातनी की वजह से निहलानी को कई बार असहज स्थितियों का सामना करना पड़ता था. पहलान निहलानी ने बताया है कि वो अपनी अगली फिल्म में भी शत्रु और रीना की जोड़ी लेना चाहते थे.shed on:18 Jan 2016, 3:00 PM IST ]

कोलकाता: अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा अपनी जीवनी में विवाहेतर संबंधों के बारे में बात करने से नहीं कतराए। कोलकाता में एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव :एकेएलएफ: में हिस्सा लेने के लिए आए शत्रुघ्न सिन्हा ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, यह किताब मेरे जीवन का सारांश है कि किस तरह से मैंने पुणे में फिल्म की पढ़ाई के लिए घर छोड़ा और फिल्म 

More Related Blogs

Article Picture
Poonam Namdev 9 months ago 6 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 2 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 3 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 1 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 5 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 3 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 3 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 2 Views
Article Picture
Poonam Namdev 10 months ago 3 Views
Back To Top