सनम रे फिल्म समीक्षा

भूषण कुमार की पत्नी दिव्या कुमार खोसला अपनी दूसरी फिल्म ‘सनम रे’ लेकर आई है. 2 साल पहले फिल्म यारियां से निर्देशन में कदम रखने वाली दिव्या ने एक बार फिर लव स्टोरी बनाई है.

Posted 7 months ago in Entertainment.

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Poonam Namdev
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वैलेंटाइन वीक के चलते हर जोड़ा अपने पार्टनर के साथ समय बिताना चाहता है, ऐसे में प्रेम कहानी देखने जाना सुखद होता है, दिव्या ने यही सोचकर फिल्म को अभी रिलीज़ किया है. यामी गौतम व पुलकित सम्राट को पहली बार साथ लिया गया, जो काफी क्यूट जोड़ी लग रही है. दिव्या ने इसमें आइटम सोंग भी किया है.वैसे दिव्या खोसला से यारियां के बाद कुछ खास उम्मीद नहीं की जा सकती. आज के समय में जहाँ अच्छी खासी नॉन कमर्शियल फिल्म को निर्माता नहीं मिलते है, वहीँ ऐसी फिल्मों को इतने बड़े प्रोडक्शन हाउस लेकर आते है. दिव्या ने पूरी कोशिश की है, कि फिल्म को एक यादगार प्रेम कहानी बना दे, लेकिन ये दर्शकों को उनकी याददाश्त भूला दे, ऐसीं फिल्म साबित हुई. फिल्म की शूटिंग लेह, हिमाचल व कनाडा में हुई जिससे सीन बेहद खूबसूरत लग रहे है, लेकिन कहानी उतनी ही बदसूरत है. फिल्म के गाने अच्छे है, यही वजह है कि आजकल इस फिल्म के बारे में चर्चा जोरों पर है. टी सिरीज के मालिक होने के नाते दिव्या गानों में विशेष ध्यान देती है, यारियां में भी उन्होंने यही किया था, जिससे फिल्म यंगस्टर को अच्छी लगी थी. फिल्म के गाने आपको फिल्म देखते समय बोर होने से बचायेंगे. दिव्या ने फिल्म में जबरजस्ती का अंग प्रदर्शन कराया है. यही काम उन्होंने पहली फिल्म यारियां में भी किया था. लेकिन हर बार एक ही ट्रिक काम नहीं आती है. दिव्या ने फिल्म के द्वारा आज के यंगस्टर को बहुत सारी बातें सिखानी की कोशिश की है, जो फिल्म में जबरजस्ती के इमोशन भर देता है.आकाश (पुलकित) छोटे से गाँव तनकपुर का रहने वाला है. यहाँ जवान अपने करियर के चलते परिवार वालों को छोडकर शहर का रुख कर लेते है. आकाश भी मुंबई में जाकर जॉब करने लगता है, जहाँ वो अपने बॉस से परेशान है. गाँव में उसके दादू (ऋषि कपूर) अकेले रहते है, जो बीमार है. दादू एक फेमस फोटोग्राफ़र हुआ करते थे, लेकिन उम्र के चलते अब वे काम करने में असमर्थ है. वे आकाश को गाँव बुलाकर प्रॉपर्टी का निपटारा करना चाहते है. आकाश अपने गाँव जाता है, जहाँ उसे अपने पहले प्यार श्रुति (यामी गौतम) की याद आती है. आकाश और श्रुति बचपन के दोस्त है जो प्यार भी करने लगते है, लेकिन आकाश अपने करियर के चलते प्यार को पीछे छोड़ शहर चला जाता है.ऑफिस में इमरजेंसी के चलते आकाश को कैनेडा जाना पड़ता है, जहाँ उसकी मुलाकात पाब्लो (उर्वशी रौटेला) से होती है. अपने प्रोमोशन के लिए आकाश उसे पटाने में लग जाता है. आकाश परेशानी में पड़ जाता है, जब यहाँ उसकी मुलाकात श्रुति से होती है. क्या श्रुति उसे माफ़ कर देगी? इस प्रेम कहानी को देखने के लिए सिनेमाघर जाएँ.फिल्म की कहानी व अंत को आसानी से समझा जा सकता है. आज के नौजवान रिश्ते से ज्यादा तवज्जो करियर व पैसा को देते है, यही इस कहानी में बताने की कोशिश की गई है. दौड़ती भागती ज़िन्दगी में वे इतने आगे निकल जाते है कि उन्हें अंदा जा ही नहीं रहता है कि उनके अपने कितने पीछे छूट गए है. प्यार, दोस्ती व रिश्तों की जरूरत हर इन्सान को होती है, चाहें वह कितना भी बड़ा क्यूँ ना हो जाये. पैसों के लिए अपने रिश्तों को कभी दाव पर नहीं लगाना चाहिए. यह बात फिल्म में मुख्य रूप से समझाने की कोशिश की है. फिल्म बार बार फ्लैशबैक में जाती है, जिससे रोचकता तो बढती है लेकिन बॉलीवुड की फिल्म देखने वाला इन्सान आगे की कहानी को आसानी से प्रिडिक्ट कर सकता है.

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