सोते समय क्या आपको भी लगते हैं झटके, अगर हां तो जानें क्यों होता है ऐसा

अक्सर आपने देखा होगा। कि और शायद आपके साथ भी ऐसा होता ही होगा। कि आप जैसे ही गहरी नींद में जाने वाले होते हैं। अचानक ही आपको एक झटका सा महसूस होता है। जिसके कारण आपकी नींद तुरंत खुल जाती है। आपके साथ ये जो कुछ भी होता है। उसे मेडिकल साइंस के मुताबिक हाइपनिक जर्क कहते हैं

Posted 9 months ago in Other.

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Mohammad Azam
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यह किसी भी तरह का कोई रोग नहीं होता है। और ना ही यह किसी तरह का नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर होता है। दरअसल यह अचानक ही मांसपेशियों के द्वारा आया शारीरिक झटका होता है। और अक्सर यह झटके आपको तब आते हैं। जब आपको नींद आ जाती है। साथ ही आपको यह भी बता दे कि इन्हें मायोक्लोनिक जर्क के नाम से भी जाना जाता है। और आपको यह जानकर अचंभा होगा। कि दुनिया के लगभग 70 फ़ीसदी लोगों ने इन झटकों का अनुभव जरूर किया है। दरअसल इसका मतलब यह होता है। कि वह इंसान ना तो जगा हुआ है। और ना ही वह नींद में है। तो चलिए अब आपको बताते हैं। आखिर क्यों आते हैं। आपको इस तरह के झटके।

इंसान जब तनावग्रस्त होता है। या तो उसकी वजह से या फिर इंसान सोने से पहले शराब या फिर कैफीन का सेवन करता है। तो उसकी वजह से भी सोते समय इस तरह के झटके आ जाते हैं। आपको यह भी बता दें कि इस बात को लेकर कोई पुष्टि भी नहीं हो पाई है।

एक्सरसाइज किसको करना पसंद नहीं होता है। शाम के समय कुछ ज्यादा ही एक्सरसाइज कर लेना या फिर कैल्शियम, मैग्नीशियम या आयरन की कमी होने के कारण भी इस तरह का अनुभव हो सकता है।

जब आप सोने वाले होते हैं। तो उस दौरान आपका दिमाग कहीं ना कहीं अर्धचेतन की स्थिति में ही होता है। और ऐसी स्थिति में कहा यह भी जाता है। कि इंसान का आधा दिमाग तो एक्टिव रहता है। और उसी समय हम अनकंफर्टेबल पोजीशन में सोते हैं। जिसकी वजह से ऐसा हो जाता है।

नर्व को उत्तेजित करने वाली दवाओं को अत्यधिक मात्रा में लेना या फिर बिना डॉक्टर की सलाह लिए ही केमिस्ट की दुकान से दवाइयों को लेना। मतलब की आपको जिन दवाइयों की सामग्री के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। उन दवाइयों का अधिक इस्तेमाल करने से भी हाइपनिक जर्क होने का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं सोते समय आने वाले इन झटकों को लेकर सामने आई खबरों की मानें। तो उनके मुताबिक मांसपेशियों में ऐंठन हो जाने की वजह से भी हमें शरीर में झटके महसूस होने लगते हैं। और हमारी मांसपेशियों में ऐंठन आने की वजह होती है। हमारे शरीर में साउंड और लाइट। जिसकी वजह से ही हमें यह झटके आने लगते हैं।

सोते समय झटके इस वजह से भी आ जाते हैं। क्योंकि उस दौरान हमारा जो दिमाग होता है। वह सोने और जागने के बीच में जद्दोजहद करने में लगा रहता है। और यह ही सक्रिय से आराम की अवस्था तक पहुंचने का संक्रमण काल होता है। और इसी दौरान किसी वजह से झटके भी महसूस होने लगते हैं। अगर आपको भी इस तरह की दिक्कत होती है। तो जान लीजिए कि इससे बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

इसके लिए आप रोजाना कम से कम 8 घंटे की पूरी नींद लें। और हो सके तो सुबह रोजाना एक ही समय पर उठने की पूरी कोशिश करें। और आप जब सोने जाएं तो उससे पहले रिलैक्सेशन टेक्निक्स या फिर गर्म पानी से नहाकर अपने आप को थोड़ा रिलैक्स जरूर करें।

आप सोते समय सोडा, कॉफी या फिर अन्य किसी भी तरह की पीने वाली चीज़ों से अपने आप को बचाएं। और जितना हो सके आप तनावपूर्ण वाले कामों को दिन में ही खत्म कर लें।

आप जितना हो सके पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम और कैल्शियम का सेवन जरूर करें। मीठे और नमकीन पदार्थ को काफी कम खाएं। इन पदार्थों के मुकाबले आप फ्रूट्स और वेजिटेबल ज्यादा खाएं। आप चाहें तो दूध, दही और केले का भी सेवन कर सकते हैं। क्योंकि इनमें आपको कैल्शियम मिल जाएगा। मैग्नीशियम प्राप्त करने के लिए आप अंकुरित अनाज और हरी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। अगर आपकी आदत है। सोने से थोड़ी देर पहले तक एक्सरसाइज करने की। तो आप अपनी एक्सरसाइज करने का टाइम जरूर बदल दें। जब आप सोने जाएं तो उससे 6 घंटे पहले तक एक्सरसाइज बिल्कुल भी ना करें।

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