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Naasa Ne Kiya Daava Kaha 2021 Mein Samaapt Ho Jaega Ye Desh

Posted 2 months ago in .

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Raj Singh
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अंतरिक्ष में एक नहीं हजारों की संख्या में

एस्टेरॉयडउपस्थितहैं.भूमिहमेशा ही इनके निशाने पर होती


है.इनमें कुछ छोटे तो कुछ इतने विशाल हैं कि यदि वेभूमिसे


टकरा जाएं तो तबाही ला सकते हैं.अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2006 क्यूक्यू 23 (2006 QQ23) नाम के एक

ऐसे एस्टेरॉयड का पता लगाया है जो 10 अगस्त कोभूमिसे टकरा सकता है.

वैज्ञानिक चिली स्थितसंसारकी सबसे बड़ी दूरबीन के जरिए

इस पर नजर बनाए हुए हैं.वैज्ञानिकों काबोलनाहै कि वे इसके

खतरे को लेकर अपना अध्ययन जारी रखे हुए हैं.नासा नए

सिरे से इसका आकार प्रकार को मापने में लगी हुई है.

वैज्ञानिकों ने 21 अगस्त 2006 को पहली बार इस एस्टेरॉयड

का पता लगाया था.तब भी इसकेभूमिसे टकराने की

संभावना जताई गई थी.वैज्ञानिकों ने तब लगातार 10 दिनों

तक इस पर नजर रखी थी.यहभूमिकेबहुत ज्यादाकरीब आ

गया था.लेकिन, इसके बाद यह उनकी नजरों से यह 

अब नासा के वैज्ञानिकों को यह एस्टेरॉयड दोबारा नजर आया

है.इसे लेकर वे बेहद सक्रिय हैं.हालांकि, बीते दिनों नासा के

सेंटर फॉर नीयर अर्थ आब्जेक्ट स्टडीज के मैनेजर पॉल

चडस काबोलनाथा कि 20,000 से अधिक विश्लेषणों में

पाया गया है कि अगली सदी में इंसानों केसमाप्तहोने

कीआसार10,000 में एक है.

इस एस्टेरॉयड का ब्यास 254 से 568 मीटर के बीच है.यह

263 दिनों में सूर्य का एक चक्कर लगा रहा रहा है.वैज्ञानिकों

ने इसे अटेन श्रेणी में रखा है जिसका अर्थ है कि

यहभूमिकेसमीपसे गुजरने वाला एस्टेरॉयड है.नासा के सेंटर

फॉर नीयर अर्थ आब्जेक्ट स्टडीज के मुताबिक, अगले महीने

की 10 तारीख को यहभूमिके बेहद करीब यानी 0.04977

एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट्स की दूरी से गुजरेगा.

इसकेभूमिसे टकाने कीसंभावना7000 में से एक के बराबर है

बावजूद वैज्ञानिक इसके खतरे को कम करके नहीं देख रहे


हैं.वैज्ञानिकों काबोलनाहै कि यदि इतना बड़ा

एस्टेरॉयडभूमिसे टकरा जाए तो एक देश कोसमाप्तकर

सकता है.

साल 2013 मेंच चेलियाबिंस्क में एक छोटा पिंड टकराया था

जिसकी वजह से 66 फीट गहरा गड्ढा हो गया था .यह

मुक़ाबलादक्षिणी यूराल क्षेत्र में हुई थी जिसके कारण करीब

1500 लोग घायल हो गए थेवसंपित्तयों कोबहुत

ज्यादानुकसान पहुंचा था.यह इतनी तेज घटना थी जिसे लोग

समझ ही नहीं पाए थे.

यही नहीं 6.6 करोड़वर्षपहले 10 किलोमीटर आकार का एक

छुद्र ग्रहभूमिसे टकराया था जिसके कारणभूमिसे डायनासोर

एवं अन्य दूसरी प्रजातियां विलुप्त हो गई थीं.वर्ष2012 में एक

बस के आकार का एस्टेरॉयडधरती केबहुत ज्यादाकरीब से

गोली से 10 गुना तेजगतिसे गुजर गया था जिससे वैज्ञानिक

सन्न रह गए थे.अभी इसी महीने 19 जुलाई को ही 2019

एनजे2 एस्टेरॉयडभूमिकेसमीपसे गुजरा था.

हमारे सौरमंडल में मंगलवबृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के बीच

एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें छोटे बड़े हजारों खगोलीय पिंड


उपस्थितहैं, जिन्हें एस्टेरॉयड के नाम से जाना जाता है.इस क्षेत्र

को एस्टेरॉयड क्षेत्र के नाम से जानते हैं.इनमें एक खगोलीय

पिंड तो 950 किलोमीटर के व्यास का भी है.

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