जया किशोरी की जानकारी

जया कोई साधु या संत नहीं हैं वे केवल एक साधारण स्त्री है| वे एक कथावाचक भजन गायिका है.

जया किशोरी का जन्म राजस्थान के सुजानगढ़ गाँव में हुआ है वे एक गौड़ ब्रह्माण्ड परिवार में जन्मी है, जन्म के उपरांत ही बताया गया था की उनका जन्म चन्द्रवंश में हुआ है

Posted 6 months ago in Other.

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Dipika Solanki
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जया ने कोलकाता के स्कूल महादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी से स्कूली पढाई पूरी की है, जया किशोरी के घर में शुरू से ही भक्ति का माहौल रहा है.

जब वे केवल 6 साल की थी तब से भगवान कृष्ण के लिए जन्माष्टमी पर विशेष पूजा करती थी और 6 साल की उम्र में ही भगवान के प्रति उनका लगाव इतना था की वे तभी से श्रीकृष्ण जी को अपना भाई बंधू मित्र सबकुछ मानने लगी.

जया ने 9 साल की उम्र में संस्कृत में लिंगाष्ठ्कम, शिव तांडव स्त्रोतम, रामाष्ठ्कम आदि कई स्त्रोतों को गाना शुरू किया और आज 2018 में भी उनकी मधुर वाणी सुनने को मिल रही है.

जब 10 साल की थी जया ने सुन्दरकाण्ड गाकर लाखों भक्तों के मन में दिलों में जगह बना ली| जया किशोरी अपने घर में भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं उनकी एक छोटी बहन है.

जया किशोरी जी के माता पिता को उन पर बहुत गर्व है| जया किशोरी से बहुत कुछ सिखने को मिलता हैं उनकी मधुर वाणी से कथा सुनने का आनंद ही कुछ और हैं.

जया किशोरी का दिल बहुत ही साफ़ है वे छोटे छोटे बच्चो से बहुत प्यार करती हैं.

जया किशोरी जी के पति – जया किशोरी की जीवनी

जया किशोरी जी की शादी अभी नहीं हुई है, जया किशोरी जी कभी नहीं चाहेंगी की वे कथा करना छोड़े और उनकी शादी में अभी बहुत समय है.
जया किशोरी का जीवन – JAYA KISHORI HISTORY IN HINDI

जया किशोरी का जीवन बहुत ही सादा है| जिस उम्र में लड़कियां शौक श्रृंगार घूमना फिरना नाचना गाना पसंद करतीं है उस उम्र में जया जी भगवान का रास्ता पकड़ा और उसी मार्ग में अपना जीवन जीना सही समझा.

जया के चेहरे पर जो चमक है वो साफ़ बताती है की वो किसी देवी का रूप है इसलिए कुछ लोग उन्हें देवी, पूज्य जया, साध्वी कहते है, देवी तक तो ठीक है मगर वे कोई साध्वी नहीं है वे बस एक आम साधारण लड़की है.

जया किशोरी जी को सादा रहना सादे कपडे पहनने पसंद है| जया किशोरी का खाटू श्याम जी में बहुत बड़ा विशवास है जिसकी वजह से वो हर साल राजस्थान में खाटूश्यामजी के मंदिर जरुर जाती है पुरे परिवार के साथ.

जया किशोरी जी जब भी खाटूश्यामजी जाती हैं तो पंचायती धर्मशाला में रूकती है और दो तिन दिन जब तक रूकती है तब तक हर शाम भजन गीत आदि से भक्ति का माहौल बनती हैं.

जया जी बहुत बड़ी भजन गायिका है| जया बचपन में क्लासिकल नृत्य श्रीकृष्ण जी के लिए किया करती थीं| उनके परिवार की परवरिश के कर्ण उनका रुझान भगान श्रीकृष्ण की तरफ हुआ और श्री कृष्ण जी की कृपा से आज जया किशोरी को पूरी दुनिया में कथावाचक के नाम से जाना जाता है.

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