शनिदेव पूजा

जिनके अंदर होती हैं ये आदतें, शनिदेव रहते हैं हमेशा उन पर प्रसन्न ,सूर्य पुत्र शनिदेव को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं कि वह गुस्सैल, भावहीन और निर्दयी हैं। लेकिन इनमें से कुछ भी सत्य नहीं है, शनिदेव न्याय के देवता हैं।

Posted 5 days ago in Other.

User Image
arjun bhuriya
31 Friends
3 Views
2 Unique Visitors
शनिदेव अच्छे कर्म करने पर हमेशा अपने भक्तों को अच्छा फल देते हैं और जो गलत काम करता है, उसे वह सीख भी देते हैं। उनकी कृपा मात्र से जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं रहती। अगर आपके अंदर इस तर की आदते हैं तो भगवान की कृपा हमेशा आप पर बनी रहेगी….
– शनिदेव की कृपा हमेशा उन लोगों पर रहती है जो व्यक्ति रोजाना कुत्तों को खाना खिलाते हैं। शनिदेव के कोप से बचने के लिए आप इस आदत को अपना सकते हैं।
– आप हर शनिवार को पीपल और बरगद की पूजा करें, शनिदेव की हमेशा आप पर कृपा बनी रहेगी।
– शनि देव को नीले लाजवंती के फूल चढ़ाने चाहिए, इसके अतिरिक्त कोई भी नीले या गहरे रंग के फूल चढ़ाने से शनि देव शीघ्र ही प्रसन्न होते है।
– शनिदेव हमेशा उस व्यक्ति पर कृपा करते हैं, जो हनुमान जी, कृष्ण जी और भगवान शिव की पूजा करते हैं। शनिदेव उनके रक्षक बनकर हमेशा रक्षा करते हैं।
– कुष्ट रोगियों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दें। शनि से संबंधित चीजें जैसे, तेल, काला छाता, जूते-चप्पल, कंबल आदि दान करें।
– ज्योतिषियों का कहना है कि शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन काले रंग का वस्त्र और जूते दान करने चाहिए। इससे आपको हर जगह सफलता मिलती है।
– आपके पास समय की कमी या किसी अन्य दिक्कत के चलते यदि पूजा-अर्चना संभव न हो तो आप लोहे का त्रिशूल खरीदकर शनि मंदिर, दुर्गा मंदिर, भैरव मंदिर या शिव मंदिर में दान कर दें।
– जिन लोगों पर शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है, वह रोज शनिदेव की पूजा करें। यदि मंदिर जाकर पूजा अर्चना करना संभव न हो तो घर में शनि यंत्र की स्थापना करें और रोज पूजन करें।

शनिवार शनिदेव का दिन माना जाता है और इस दिन शनिदेव की पूजा कर उन्हें खुश किया जाता है। माना जाता है कि शनिदेव हमें हमारे कर्मों का फल देते हैं।लोगों का मानना है कि शनिवार को शनिदेव पर तेल चढ़ाया जाये तो इससे वह प्रसन्न होकर कष्टों को खत्म करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनिदेव को खुश करने के लिए उन पर केवल तेल ही क्यों चढ़ाया जाता है? पौराणिक कथाओं में इसका काफी वर्णन किया गया है।
कहा जाता है कि जब रावण को अपनी बलशक्ति पर काफी घमण्ड हो गया था तो उसने सारे ग्रहों को अपना बंदी बना लिया था। उसी समय उसने शनि देव को भी अपनी कैद में उल्टा लटका रखा था। जब हनुमान जी राम दूत बनकर लंका पहुंचे तो रावण ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया और उनकी पूछं में आग लगवाई। रावण की इस हरकत से क्रोधित होकर हनुमान ने अपनी पूंछ से सारी लंका को आग लगा दी और इसी दौरान सारे ग्रह रावण की कैद से मुक्त हो गये। उल्टा लटका होने के कारण शनिदेव को शरीर में काफी दर्द हो रही थी। शनिदेव को दर्द में देख हनुमान ने उनकी मदद की और दर्द को शांत करने के लिए उनके शरीर में तेल की मालिश की।

More Related Blogs

Article Picture
arjun bhuriya 4 days ago 11 Views
Article Picture
arjun bhuriya 5 days ago 2 Views
Article Picture
arjun bhuriya 7 days ago 3 Views
Article Picture
arjun bhuriya 13 days ago 9 Views
Article Picture
arjun bhuriya 17 days ago 39 Views
Article Picture
arjun bhuriya 19 days ago 2 Views
Article Picture
arjun bhuriya 22 days ago 3 Views
Article Picture
arjun bhuriya 22 days ago 4 Views
Back To Top