टमाटर के गुण

टमाटर विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली सब्जी है। इसका पुराना वानस्पतिक नाम लाइकोपोर्सिकान एस्कुलेंटम मिल है। वर्तमान समय में इसे सोलेनम लाइको पोर्सिकान कहते हैं। बहुत से लोग तो ऐसे हैं जो बिना टमाटर के खाना बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकते।

टमाटर जितना देखने में अच्छा लगता है, उतना ही वह खान

Posted 3 months ago in Other.

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Dipika Solanki
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टमाटर विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली सब्जी है। इसका पुराना वानस्पतिक नाम लाइकोपोर्सिकान एस्कुलेंटम मिल है। वर्तमान समय में इसे सोलेनम लाइको पोर्सिकान कहते हैं। बहुत से लोग तो ऐसे हैं जो बिना टमाटर के खाना बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकते।

टमाटर जितना देखने में अच्छा लगता है, उतना ही वह खाने में स्वादिष्ट भी है और स्वास्थ्यवर्द्धक भी। तभी को टमाटर का उपयोग सब्जी के रूप में करने के साथ-साथ सलाद और चटनी तथा सूप के रूप में बहुतायत में किया जाता है। टमाटर का इतिहास बहुत पुराना है। कहा जाता है कि 15वीं सदी में अमेरिका के रोलको द्वीप पर सबसे पहले यह फल देखने को मिला जिसकी खोज सर वाल्टर रेले द्वारा की गयी थी किन्तु उस समय लोगों ने इसे जहरीला फल समझा, इसलिए इसका उपयोग खाने के रूप में नहीं किया गया। यूरोप में टमाटर को बागवानी की साज बनाये रखने के लिए ही बोया जाता था। उस समय कुछ लोग इसे लव एपल कहा करते थे किन्तु अमेरिका में इसे टोमेटो नाम से ही पुकारा गया। भारत में टमाटर को लाने का श्रेय मैक्सिकोवासियों को जाता है। वे टमाटर को लव एपल के रूप में यहां लाए थे, लेकिन देशवासियों ने इसका स्वागत ‘विलायती बैंगन’ कहकर किया। कुछ लोगों ने इसके गुण-दोष से अनभिज्ञ होने के कारण इसे ‘अनजान फल’ भी कहा। जैसे-जैसे टमाटर के गुण-दोष का पता चलता गया, वैसे-वैसे टमाटर भारतीयों के लिए रसोई की शान बन गया। आज देशभर में व्यापक स्तर पर टमाटर की खेती होती है और लोग बड़े चाव से कभी विलायती बैंगन रहे टमाटर को खाते हैं।

टमाटर के गुणकारी तत्व

टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। हालाँकि टमाटर का स्वाद अम्लीय (खट्टा) होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है। लाल-लाल टमाटर देखने में सुन्दर और खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक होते हैं। भारत में बेहद लोकप्रिय टमाटर की चटनी को बहुत ही कम समय में बनाया जा सकता है। यह चटनी नाश्ते में समोसे, आलू बड़ा, पकोड़े, बड़े, डबलरोटी आदि के साथ आसानी से खायी जा सकती है। वैसे टमाटर की मीठी चटनी टुमैटो कैचप या सॉस के रूप में आम बाज़ार में भी मिलती है। अब तो इसका व्यावसायिक दृष्टि से उत्पादन भी होने लगा है।

इसके खट्टे स्वाद का कारण यह है कि इसमें साइट्रिक एसिड और मैलिक एसिड पाया जाता है जिसके कारण यह प्रत्यम्ल (एंटासिड) के रूप में काम करता है। टमाटर में विटामिन 'ए' काफी मात्रा में पाया जाता है। यह आँखों के लिये बहुत लाभकारी है। टमाटर खट्टा-मीठा, पाचक, शक्तिवर्द्धक और रुचिवर्द्धक होने के साथ ही अतिसार, उदर रोग व मोटापा रोकने में औषधि का काम करता है। इसमें लौह तत्व की मात्रा दूध से दोगुनी व अंगूर, मौसमी, तरबूज, खरबूजा आदि फलों से ज्यादा पायी जाती है। टमाटर में कैल्शियम, चूना, गंधक, सायट्रिक एसिड इत्यादि तत्व भी बहुतयात में पाये जाते हैं। टमाटर जहां विटामिनों का खान है, वहां स्वाद का राजा भी है जो भूख बढ़ाने में सहयोग करता है। टमाटर का सेवन करने से कब्ज दूर होती है, रक्त विकार से मुक्ति मिलती है व बेरी-बेरी, गठिया, सूखा, एक्जिमा जैसे रोगों में रामबाण औषधि के रूप में टमाटर की पहचान है। टमाटर खाने वालों को मधुमेह, नजला, जुकाम, दांतों की बीमारी व रक्तस्राव जैसी बीमारियां भी नहीं घेरती। साथ ही यह नेत्र रोगों को भगाने का भी रामबाण नुस्खा है। लेकिन अधिक मात्रा में टमाटर का सेवन करने से कई बार गंभीर रोग भी हो जाते हैं जिसमें कैंसर, पथरी, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, कमर में दर्द तथा प्रदर रोग इत्यादि शामिलर हैं इसलिए संतुलित मात्रा में नियमित टमाटर का सेवन किया जाना जहां स्वास्थ्यवर्ध्दक है, वहीं टमाटर का अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाना कष्टकारक भी बन सकता है।

टमाटर का उपयोग

शरीर के लिए टमाटर बहुत ही लाभकारी होता है। इससे कई रोगों का निदान होता है। टमाटर शरीर से विशेषकर गुर्दे से रोग के जीवाणुओं को निकालता है। यह पेशाब में चीनी के प्रतिशत पर नियन्त्रण पाने के लिए प्रभावशाली होने के कारण यह मधुमेह के रोगियों के लिए भी बहुत उपयोगी होता है। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होने के कारण इसे एक उत्तम भोजन माना जाता है। टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है। इसके लगातार सेवन से जिगर बेहतर ढँग से काम करता है और गैस की शिकायत भी दूर होती है। जो लोग अपना वजन कम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए टमाटर बहुत उपयोगी है। एक मध्यम आकार के टमाटर में केवल 12 कैलोरीज होती है, इसलिए इसे पतला होने के भोजन के लिए उपयुक्त माना जाता है। माना जाता है कि टमाटर इतने पौष्टिक होते हैं कि सुबह नाश्ते में केवल दो टमाटर सम्पूर्ण भोजन के बराबर होते हैं। ऐसा नियमित सेवन करते रहने से आपके वजन में जरा भी वृद्धि नहीं होगी। इसके साथ साथ यह पूरे शरीर के छोटे-मोटे विकारों को भी दूर करता है। टमाटर के नियमित सेवन से श्वास नली का शोथ कम होता है। प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि टमाटर खाने से अतिसंकुचन भी दूर होता है और खाँसी तथा बलगम से भी राहत मिलती है। अधिक पके लाल टमाटर खाने वालों को कैन्सर रोग नहीं होता। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

टमाटर लगभग हर सब्जी में प्रयोग किया जाता है। इसके बिना खाना अधूरा माना जाता है। सलाद के रूप में भी इसे काफी पसन्द किया जाता है। टमाटर में प्रोटीन, विटामिन, वसा आदि तत्व विद्यमान होते हैं। यह सेब व संतरा दोनों के गुणों से युक्त होता है। इतना ही नहीं, यह अनेक बीमारियों का इलाज भी करता है।

टमाटर कैंसर में फायदेमंद

किसी न किसी तरह से आप टमाटर को आप हर रोज इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि टमाटर खाने से कैंसर का खतरा कम होता है। टमाटर को लगभग हर सब्जी में प्रयोग किया जाता है। जी हां, एक नए शोध में यह सामने आया है कि टमाटर प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करता है। इसके अलावा टमाटर खाने के कई स्वास्य्हां लाभ हैं। टमाटर खाने से त्वचा जवां दिखती है और त्वचा से संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं। यानी टमाटर आपको जवां दिखाता है। ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी टमाटर बहुत फायदेमंद होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि टमाटर में क्या-क्या गुण हैं और कैंसर से बचाव के लिए यह कितना फायदेमंद है।

शोध के अनुसार: लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ पोट्समाउथ द्वारा भारतीय मूल के शोधकर्ता की अगुवाई में वैज्ञानिकों की एक टीम ने यह दावा किया है कि पके टमाटर में एक ऐसा पौष्टिक तत्व पाया जाता है जो प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को न केवल रोकता है बल्कि उनको समाप्त भी कर देता है। इस शोध में वैज्ञानिकों ने टमाटर में पाये जाने वाले लाइकोपीन तत्वों के प्रभावों की जांच की। इस अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला कि टमाटर को लाल रंग देने वाला लाइकोपीन कैंसर की कोशिकाओं के स्वकस्य्वों रक्तै से जुड़ने की क्षमताओं को खत्म कर डालता है

अद्ययन रिपोर्ट बताती हैं कि वजन घटाने में मदद करने के साथ ही टमाटर कई तरह के कैंसर को भी रोकने की क्षमता रखता है। हाल में हुई एक रिसर्च से साबित हुआ है कि अगर आप एक हफ्ते में 10 बार टमाटर खाते हैं, तो कैंसर होने का खतरा 45 पर्सेन्ट कम हो जाता है। इतना ही नहीं, टमाटर को सलाद में लेने से पेट के कैंसर होने का रिस्क 60 पर्सेन्ट तक घट जाता है। दरअसल, रिसर्च बताती है कि टमाटर में लाइकोपीन खासी अमाउंट में पाया जाता है और यह कई तरह के कैंसर रोकने में फायदेमंद है।

डाइट एक्सपर्ट्स हरे टमाटर की तुलना में लाल टमाटर को ज्यादा फायदे देने वाला बताते हैं, क्योंकि फ्राई करने पर वह लाइकोपीन को अच्छे से आब्जर्व कर लेता है। रिसर्च से यह भी पता लगा है कि टमाटर को तेल में फ्राई करने के बावजूद उसके न्यूट्रिएंट्स खत्म नहीं होते। लाइकोपीन के अलावा, टमाटर में पोटाशियम, नियासिन, विटामिन बी6 और फॉलेट होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। इतना ही नहीं, टमाटर में दो एंटी एंजिंग कंपाउंड्स, आईकोपीन और बीटा कैरोटिन भी होते हैं।

अब आप जब भी टमाटर खरीदने जाएं, तो लाल टमाटर ही चुनें। इनमें बीटा कैरोटिन व आईकोपीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। वैसे, अगर आप अपना वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो भी टमाटर आपके लिए फायदेमंद रहेंगे। इसमें फाइबर ज्यादा व कैलरीज कम होती हैं, जो वेट घटाने में मदद करती हैं। इसमें मौजूद बीटा कैरोटिन भी बॉडी के लिए बेहद फायदेमंद है। दरअसल, यह बॉडी में विटामिन ए में बदल जाता है और यह तो सभी जानते हैं कि विटामिन ए त्वचा, बालों, हड्डियों व दांतों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है।

खट्टा-मीठा टमाटर पकाने के बाद खाने के जायके को जितना बढ़ाता है। उतना ही अधिक लाभ सलाद के रूप में लेने पर भी करता है। टमाटर में प्रोटीन, विटामिन, वसा आदि तत्व विद्यमान होते हैं। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है इसके अलावा भी टमाटर खाने से कई लाभ होते हैं।

टमाटर औषधि के रूप में

टमाटर सिर्फ एक सब्जी नहीं बल्कि ये अपने आप में एक संपूर्ण औषधी है टमाटर खाने से निम्न रोगों का उपचार होता है -

बच्चों को सूखा रोग होने पर आधा गिलास टमाटर के रस का सेवन कराने से फायदा होता है।

दो या तीन पके हुए टमाटरों का नियमित सेवन करने से बच्चों का विकास शीघ्र होता है।

शरीर का भार घटाने के लिए सुबह-शाम एक गिलास टमाटर का रस पीना लाभप्रद है।

यदि गठिया रोग में एक गिलास टमाटर के रस की सोंठ तैयार करके उसमें एक चम्मच अजवायन का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए सुबह एक गिलास टमाटर के रस का सेवन फायदेमंद है।

डाइबिटीज व दिल के रोगों में भी टमाटर बहुत उपयोगी होता है।

इसमें कैलोरिज कम होती है इसलिए सलाद के रूप में खाया जाता है।ये शरीर से कई तरह बीमारियों से मुक्ति दिलवाते हैं।

टमाटर खाने वालों को कैन्सर रोग नहीं होता।

टमाटर के नियमित सेवन से पेट साफ रहता है।

कफ होने पर टमाटर का सेवन अत्यंत लाभदायक है।

प्रात: बिना कुल्ला किए पका टमाटर खाना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होता है।

पेट में कीड़े होने पर सुबह खाली पेट टमाटर में पिसी हुई कालीमिर्च लगाकर खाने से लाभ होता है।

भोजन करने से पहले दो या तीन पके टमाटरों को काटकर उसमें पिसी हुई कालीमिर्च, सेंधा नमक एवं हरा धनिया मिलाकर खाएं। इससे चेहरे पर लाली आती है व पौरूष शक्ति बढ़ती है।

टमाटर के गूदे में कच्चा दूध व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर चमक आती है।

टमाटर के नियमित सेवन से अन्य रोग जैसे डायबिटीज, आंखों व पेशाब संबंधी रोगों, पुरानी कब्ज व चमड़ी के रोगों का उपचार होता है।

इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है।

इसमें साइट्रिक अम्ल और मैलिक अम्ल पाया जाता है इसलिए यह एंटासिड के रूप में काम करता है।

टमाटर खाने के अन्य फायदे

टमाटर में विटामिन, प्रोटीन, वसा आदि तत्व‍ मौजूद होते हैं। इसके अलावा टमाटर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। आइए जानते हैं कि टमाटर किन‍-किन बीमारियों के लिए फायदेमंद है –

भूख बढाने के लिए – टमाटर खाने से भूख बढती है। इसके अलावा टमाटर पाचन शक्ति, पेट से संबंधित अनेक समस्याओं को दूर करता है। टमाटर खाने से पेट साफ रहता है और इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

त्वचा के लिए – टमाटर खाने से सनबर्न और टैन्ड स्किन में फायदा होता है। टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन तत्व त्वचा को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाता है।

पेट के लिए – पेट में कीड कीड़े हैं तो हर रोज खाली पेट टमाटर खाने फायदा होता है। टमाटर में हींग का छौका लगाकर पीजिए, पेट के सारे कीडे मर जाएंगे। टमाटर पर काली मिर्च लगाकर खाना भी काफी फायदेमंद होता है।

डायबिटीज के लिए – डायबिटीज रोगियों के लिए टमाटर खाना बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज एक खीरा और एक टमाटर खाने से डायबिटीज रोगी को लाभ मिलता है। टमाटर आंखों व पेशाब संबंधी रोगों के लिए भी फायदेमंद है।

लीवर और किडनी के लिए – टमाटर खाने से लीवर और किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। हर रोज टमाटर का सूप पीने से लीवर और किडनी को फायदा होता है।

गठिया के लिए – अगर आपको गठिया है तो टमाटर का सेवन कीजिए। एक गिलास टमाटर के रस को सोंठ में डालकर अजवायन के साथ सुबह-शाम पीजिए, गठिया में फायदा होगा।

अगर चाहते हैं कि आप एक स्वस्थ जीवन जिएं और प्रोस्टेट कैंसर जैसी घातक बीमारी से दूर रहें, तो जरूरी है कि आप रोजाना कम से कम दस टमाटर जरूर खाएं। शोध में प्रोस्टेट कैंसर से पीडित 50 व 69 वर्ष की उम्र के लोगों की जीवनशैली पर अध्ययन किया गया। जो व्यक्ति सप्ताह में 10 से ज्यादा टमाटर खाता है, उसे प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा 18 प्रतिशत कम रहता है। यह जानकारी एक शोध में सामने आई है।

ब्रिस्टोल और आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधनकर्ताओं ने प्रोस्टेट कैंसर से पीडित 50 व 69 वर्ष की उम्र के 1,806 लोगों की खुराक एवं जीवनशैली पर ध्यान दिया और उसकी 12005 कैंसर मुक्त लोगों के साथ तुलना की।

शोध में प्रोस्टेट कैंसर की "आहारीय तालिका" विकसित की जिसमें आहारीय अवयवों सेलेनियम, कैल्शियम और वैसे खाद्य पदार्थ, जिनमें लाइकोपिन की प्रचुरता होती है, शामिल किया गया। पाया गया कि जिन लोगों ने इन तीन आहारीय अवयवों को खाने में शामिल किया, उनमें प्रोस्टेट कैंसर की आशंका कम पाई गई।

टमाटर और उसके उत्पाद जैसे टमाटर का जूस और पकाए हुए बीन सबसे ज्यादा गुणकारी पाए गए। 10 भाग से ज्यादा खाने वाले पुरूषों में बीमारी होने का खतरा 18 प्रतिशत कम पाया गया।

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