इलाहबाद महाकुंभ मेला 2019 में कब से कब तक होगा व शाही स्नान त‍िथ‍ियां | 

माघ (अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार जनवरी- फरवरी) के महीने में जिस तिथि को वृहस्पति मेष अथवा वृषभ राशि में हो तथा सूर्य और चन्द्र कर्क राशि में विराजमान

Posted 3 months ago in Other.

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Dipika Solanki
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माघ (अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार जनवरी- फरवरी) के महीने में जिस तिथि को वृहस्पति मेष अथवा वृषभ राशि में हो तथा सूर्य और चन्द्र कर्क राशि में विराजमान हों, उस तिथि पर ये मेला इलाहाबाद में लगता है.

चैत्र (अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार मार्च- अप्रैल) के महीने में जिस तिथि के दौरान वृहस्पति कुम्भ राशि में और सूर्य मेष राशि में मौजूद होते हैं, उस तिथि को कुम्भ का मेला हरिद्वार में आयोजित किया जाता है.

वैशाख (अप्रैल- मई) के महीने में जब वृहस्पति का स्थान सिंह राशि हो और सूर्य मेष राशि में स्थिन हों. या ये तीनों की ग्रह तुला राशि में स्थित हों,  तो उज्जैन में इस मेले का आयोजन होता है.

भाद्रपद (अगस्त – सितम्बर) में सूर्य और बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश करने पर यह मेला नासिक में आयोजित किया जाता है.

कुंभ  मेले की कथा व इतिहास (Kumbh Mela history and story)

कुंभ मेले का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है, इसकी कथा न सिर्फ लोगों को सद्कर्म के लिए प्रोत्साहित करती है बल्कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रमाण भी देती है. शब्द ‘कुंभ ’ का अर्थ घड़ा होता है. शास्त्र के अनुसार एक बार स्वर्ग के सभी भगवानों की शक्ति क्षीण हो गयी. अपनी दैवीय शक्तियों को फिर से प्राप्त करने के लिए देवताओं ने असुरों को समुद्र मंथन के लिए राज़ी किया, जिससे उन्हें अमृत कलश प्राप्त हुआ. आरंभ में ये तय किया गया कि अमृत कलश को देवताओं और असुरों में बराबर हिस्सों में बाँटा जाएगा. हालाँकि समुद्र मंथन के बाद देवताओं और असुरों में युद्ध छिड़ गया, यह युद्ध बारह वर्षों तक चला. इसी समय पक्षियों में श्रेष्ठ गरुड़ यह कलश लेकर उड़ जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान यह अमृत जहाँ जहाँ छलका वहाँ वहाँ कुंभ मेले के उत्सव की प्रथा बनी.  अंततः अमृत देवताओं को प्राप्त हुआ और वे अमर हो गये.

आगामी कुंभ मेले का समय और स्थान (When and where is the Next Kumbh Mela)

अगले वर्ष अर्थात वर्ष 2019 में इलाहाबाद में अर्द्ध कुंभ  मेले का आयोजन होने वाला है. इसकी तिथि 14 जनवरी से 4 मार्च तक की है. इसके बाद 3 वर्ष पश्चात मतलब 2022 में हरिद्वार में कुंभ मेला लगेगा. वर्ष 2025 में पुनः इलाहाबाद में महाकुंभ  का आयोजन होगा और वर्ष 2027 में नासिक में भी कुंभ  मेले का आयोजन किया जायेगा.

वर्ष 2019 के कुंभ  मेले की स्नान तिथि (Prayagraj Kumbh Mela 2019 Snan Date)

वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले कुंभ  मेले के स्नान की तिथि आ चुकी है, ऐसी मान्यता है कि तय तिथि को स्नान करने से ईश्वर की असीम अनुकम्पा और आशीर्वाद की प्राप्ति होति है!

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