कमलनाथ, संजय गांधी से दोस्ती से लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक

मध्य प्रदेश की राजनीति को नज़दीक से देखने वाले कई विश्लेषक ये दावा करने में जुट गए हैं कि ये करिश्मा मौजूदा समय में मध्यप्रदेश में केवल और केवल कमलनाथ

Posted 2 months ago in Other.

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Dipika Solanki
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1996 में जब कमलनाथ पर हवाला कांड के आरोप लगे थे तब पार्टी ने छिंदवाड़ा से उनकी पत्नी अलकानाथ को टिकट देकर उतारा था, वो जीत गई थीं लेकिन अगले साल हुए उपचुनाव में कमलनाथ को हार का मुंह देखना पड़ा था. वे छिंदवाड़ा से केवल एक ही बार हारे हैं. वैसे इस हार के पीछे की कहानी बड़ी दिलचस्प बताई जाती है. दरअसल, कमलनाथ चुनाव हार गए थे तो उन्हें तुगलक लेन पर स्थित मिला हुआ बंगला खाली करने का नोटिस मिला, पहले उन्होंने कोशिश की वह बंगला उनकी पत्नी के नाम अलॉट हो जाए लेकिन नियमों के मुताबिक पहली बार चुनाव जीतने वाले लोगों को उतना बड़ा बंगला अलॉट नहीं किया जा सकता था, इसलिए एक साल बाद ही जब हवाला कांड की बात ठंडी हुई तो कमलनाथ ने अपनी पत्नी का इस्तीफ़ा करा दिया. लेकिन उपचुनाव में कमलनाथ को सुंदर लाल पटवा ने हरा दिया था. इंदिरा गांधी की मौत के बाद कमलनाथ राजीव गांधी के विश्वस्त भी रहे और आज की तारीख़ में राहुल गांधी भी उन पर पूरा भरोसा करते हैं. मनोरंजन भारती बताते हैं, - कमलनाथ तेज़ी से संसाधनों को जुटाने में माहिर हैं. हर पार्टी में उनके अच्छे दोस्त हैं, कारोबारी होने के चलते कारोबार की दुनिया में उनके दोस्त हैं, तो इस लिहाज़ से भी पार्टी की जरूरतों के मुताबिक़ कमलनाथ मुफ़ीद बैठते हैदरअसल, कानपुर में जन्मे और पश्चिम बंगाल में कारोबार करने वाले व्यापारी परिवार से आने वाले कमलनाथ ख़ुद में एक बिज़नेस टायकून हैं, उनका कारोबार रियल एस्टेटस, एविएशन, हॉस्पिटलिटी और शिक्षा तक फैला है. देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थान आईएमटी गाज़ियाबाद के डायरेक्टर सहित क़रीब 23 कंपनियों के बोर्ड में कमलनाथ शामिल हैं. ये कारोबार उनके दो बेटे नकुलनाथ और बकुल नाथ संभालते हैं. आलोक मेहता कहते हैं- कारोबारी पृष्ठभूमि होने से कमलनाथ हर किसी की मदद करते हैं. उनके घर पर हमेशा ऐसे लोगों की भीड़ लगी रहती है. साथ ही आप ये भी देखिए कि आईएमटी गाज़ियाबाद के ज़रिए उन्होंने कितनों परिवार को समृद्ध किया है. ये उनका सामाजिक योगदान जैसा ही है.।

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