3 साल पहले सऊदी गया था पिता, वापस लाने के लिए बेटी ने लगाई केंद्र सरकार से गुहार

परमजीत साल 2016 के फरवरी के महीने में दिल्ली के न्यू अल्फा इंटरनेशनल नाम की एक कंपनी के ज़रिए सऊदी अरब गए थे. परमजीत की बेटी का कहना है कि वह 2 साल के कंट्रैक्ट पर ड्राइविंग वर्क के लिए सऊदी गए थे. 

Posted 3 months ago in Other.

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Deepak lovewanshi
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 विदेश में काम करने गए पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के शाहगंज के रहने वाले परमजीत सिंह मुसीबत में फंस गए है. परमजीत के परिवार का आरोप हैं कि उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है, जिसके कारण वह वापस अपने वतन नहीं लौट पा रहे हैं. अपने पिता को वापस लाने के लिए भारत सरकार से परमजीत की बेटी ने गुहार लगाई है.

2016 में गए थे सऊदी अरब
परमजीत साल 2016 के फरवरी के महीने में दिल्ली के न्यू अल्फा इंटरनेशनल नाम की एक कंपनी के ज़रिए सऊदी अरब गए थे. परमजीत की बेटी का कहना है कि वह 2 साल के कंट्रैक्ट पर ड्राइविंग वर्क के लिए सऊदी गए थे. 

2018 में खत्म हो गया है वर्किंग कॉन्ट्रेक्ट
साल 2018 में यह कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो गया था लेकिन परमजीत अपने घर नहीं लौट सका क्योंकि सुनने में आया की उनका पासपोर्ट Discovery trading and contracting company (सऊदी अरब की कंपनी जिसके पास परमजीत का पासपोर्ट था) ने रोक लिया है और साथ ही उसको पैसे भी मिलने बंद हो गए जिसके चलते अब घर पर भी पैसे नहीं भेज पा रहे हैं.
शाहगंज के गुरूद्वारे के पास एक किराए के घर में परमजीत का परिवार रहता है जिसमें उनकी पत्नी सरबजीत, बेटी किरण और बीटा महा सिंह रहते हैं. डानकुनी में एक प्राइवेट संस्थान में काम करते थे परमजीत और बाद में परिवार को आर्थिक तौर पर मज़बूत करने के लिए थोड़े और पैसे कमाने की ललक में डेढ़ लाख रूपए देकर के उस दिल्ली की उस संस्था से सम्पर्क कर सऊदी अरब चले गए क्योंकी उनको लगा की दो साल में और भी ज़्यादा पैसे कमा कर अपने परिवार के पास वापस आ जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ 

12 लोग गए थे परमजीत के साथ
परमजीत के पिता मुख्तियार सिंह पंजाब में रहते है और बहुत बीमार है लेकिन उनका भी इलाज अब बंद हो गया है. सूत्रों के मुताबिक परमजीत सिंह के साथ 12 अन्य लोग भी गए थे दूसरे राज्यों से जिसमे से सिर्फ दो तीन लोग ही वापस आने में कामयाब हुए है. परमजीत ने अपने परिवार से फोन पर संपर्क करके यह सारी बातें बताई और अपनी हालत व्यक्त की. अपने पिता को वापस लाने के लिए किरण करीब 6 महीने पहले पीएमओ और सुषमा स्वराज को ट्वीट कर जानकारी भी दी थी लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली.

परमजीत साल 2016 के फरवरी के महीने में दिल्ली के न्यू अल्फा इंटरनेशनल नाम की एक कंपनी के ज़रिए सऊदी अरब गए थे. परमजीत की बेटी का कहना है कि वह 2 साल के कंट्रैक्ट पर ड्राइविंग वर्क के लिए सऊदी गए थे. 

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