मिठाई कैसे बनाते है।

मिठाई भारत आ आसपास के इलाका में बने वाला कई किसिम के मीठा पकवान[1][2] हईं जे दूध, फल आ अनाज में से कौनों भी चीज से बनल हो सके लीं आ इनहन के सवाद मीठ होला, बहुत सारी मिठाई सभ में सुगंध आ रंग के भी इस्तेमाल होला। मिठाई घरेलू रूप से भी बनावल जालीं आ बड़ा पैमाना पर कौनों कार-परोज में भा दुकान पर बेचे खा

Posted 4 months ago in Other.

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Dipika Solanki
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मिठाई भारत आ आसपास के इलाका में बने वाला कई किसिम के मीठा पकवान[1][2] हईं जे दूध, फल आ अनाज में से कौनों भी चीज से बनल हो सके लीं आ इनहन के सवाद मीठ होला, बहुत सारी मिठाई सभ में सुगंध आ रंग के भी इस्तेमाल होला। मिठाई घरेलू रूप से भी बनावल जालीं आ बड़ा पैमाना पर कौनों कार-परोज में भा दुकान पर बेचे खाती हलुआई लोग भी बनावे ला। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेस नियर देस सभ में हजारन गो दुकान खाली मिठाइए बनावे आ बेचे के बिजनेस करे लीं।आमतौर पर मिठाई बनावे में इस्तेमाल सामान के आधार पर इनहन के बर्गीकरण कइल जा सके ला। दूध से बनल मिठाई, फल से बनल मिठाई भा अनाज से या फिर इनहन के मिलजुल रूप से बनल मिठाई हो सके लीं। मिठाई बनावे के तरीका के आधार पर भी ई कई किसिम के होखे लीं। कुछ के पकावल जाला (पानी में, चाहे बाहिरी भा खुदे सामग्री के आपन पानी में), कुछ के सेंक के पकावल जाला, कुछ के तेल-घीव में छानल (फ्राई कइल) जाला, कुछ भूज के बनावल जालीं आ कुल्फी नियर कुछ मिठाई जमा के भी बनावल जालीं।

मिठाई सभ के रूप-रंग आ सवाद में क्षेत्रीय बिबिधता आ हर इलाका के अलग-अलग खासियत भी देखल जाला। कौनों क्षेत्र बिसेस कौनों खास मिठाई खातिर परसिद्ध हो सके ला भा एकही मिठाई अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से अलग सवाद-सुगंध लिहले हो सके ले। भारतीय इलाका के बारे में एगो लेखक के कहनाम बा कि "साइदे दुनिया के कौनों अइसन हिस्सा होखी जहाँ अतना बिबिधता वाली आ अतना किसिम के मिठाई मिलें"।[3]

कुछ मिठाई बिसेस परब-तिहुआर से जुड़ल होलीं, जइसे कि गोझिया होली पर बनावल जाले[4][5] या माँठ (ठेकुआ)[6] भा पिठिया छठ पूजा खातिर बनावल जाला। बहुधा, मिठाई पहिले देवता लोग के परसाद के रूप में भी चढ़ावल जालीं।[7] अलग-अलग मिठाई सभ के खाए के समय भी अलग हो सके ला, जइसे कि जिलेबी आमतौर पर सबेरे खाइल जाले।[8]

भोजपुरी आ अउरी उत्तर भारतीय भाषा सभ में इनहन के मिठाई, मीठा, भा मिट्ठा कहल जाला जबकि भारतीय उपमहादीप के अलग-अलग हिस्सा में इनहन के (सामूहिक) नाँव अलग-अलग भी होला।

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