इंडिया गेट पर निबंध- 

भारत में बहुत से स्मारक है। स्वतंत्र भारत का सबसे प्राचीन स्मारक इंडिया गेट है जो कि भारत की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर स्थित है। राजपथ को पहले किंग्सवे के नाम से जाना जाता था। इंडिया गेट का मूल नाम अखिल भारतीय युद्ध स्मारक है। यह 43 मीटर ऊँचा द्वार है। इसके डिजाईन सर एडवर्ड लुटियन ने तैयार किया था

Posted 2 months ago in Other.

User Image
Dipika Solanki
250 Friends
4 Views
1 Unique Visitors
इंडिया गेट की स्थापना उन 80,000 भारतीय सैनिकों की याद में किया गया था जो ब्रिटिश सेना में थे और प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हो गए थे। इंडिया गेट पर 13,300 शहीदों के नाम लिखे हुए हैं। शहीदों की याद में इंडिया गेट पर राईफल के उपर टोपी रखी गई है। जब इंडिया गेट बना था यब वहाँ पर जॉर्ज पंचम की मुर्ति स्थापित की गई थी जिसे बाद में हटाकर अन्य मुर्तियों के साथ कोरोनेशन पार्क में स्थापित कर दिया गया1971 में इंडिया गेट के चारों कोनों पर अमर जवान ज्योति कि स्थापना की थी जो कि हमेशा जलती रहती है। इसकी स्थापना उन शहीदों की याद में की गई थी जो कि भारत पाक युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इस अमर ज्योति को सबसे पहले 1972 में गणतंत्र दिवस के दिन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने प्रकाशित किया था।

हर साल गणतंत्र दिवस के दिन इंडिया गेट से परेड होकर गुजरती है। इंडिया गेट संगमरमर से बना हुआ है और शहीदों के नाम पीले बलुआ पत्थर से अंकित किए गए है। इंडिया गेट भारत का राष्ट्रीय स्मारक है और साथ ही विश्व का सबसे बड़ा युद्ध स्मारक भी है।

इंडिया गेट को देखने दुर दुर से लोग आते हैं। जो भी व्यक्ति दिल्ली भ्रमण को जाता है वह इंडिया गेट अवश्य देखकर आता है। इंडिया गेट पर शहीदों को श्रदांजली अर्पित की जाती है। भारत में यह स्मारक शहीदों का मकबरा बन कर रह गया है। इसकी सुरक्षा के लिए हर समय सैनिक तैनात रहते हैं। शाम के समय इंडिया गेट का नजारा बहुत ही सुंदर प्रतीत होता है। 26 जनवरी पर यहाँ सबसे ज्यादा भीड़ होती है। विदेशों से लोग इंडिया गेट देखने आते है और वहाँ का नजारा उनका मन मोह लेते है।

था। अब वहाँ पर जॉर्ज पंचम की मुर्ति के स्थान पर केवल एक छतरी है।

More Related Blogs

Back To Top