अभिषेक बच्चन 

बच्चन ने अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत जे पि दत्ता की रिफ्यूजी (२०००) से की. उसके बाद उनके हिस्से में केवल वे फ़िल्में आयीं जो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं. इसके बाद २००४ में उन्होंने हिट और एक प्रशंसात्मक फ़िल्मों धूम और युवा में प्रदर्शन किया। उत्तरवर्ती में उनके प्रदर्शन की काफी सराहना हुई जिसके लिये उन

Posted 2 months ago in Other.

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Dipika Solanki
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अभिषेक बच्चन बॉलीवुड के सुपर स्टार अमिताभ बच्चनऔर अभिनेत्री से राजनेत्री बनी जया भादुड़ी के बेटे हैं, उनकी बड़ी बहन श्वेता बच्चन -नंदा (१९७४ को जन्मी) हैं। उनके दादा हरिवंश राय बच्चन उर्दू और हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध कवि थे। अभिषेक का पैतृक मूल नाम श्रीवास्तव है, जबकि बच्चन उनके दादाजी का तखल्लुस था। फ़िर भी जब उनके पिता अमिताभ ने फ़िल्मो में प्रवेश किया तो उन्होने अपने पिता के तखल्लुस को अपनाया. उनके पास उनकी दादी तेजी की तरफ़ से पंजाबी विरासत थी तथा उनकी माँ की तऱफ से बंगाली संस्कार मिले.

अभिषेक बचपन में डिस्लेक्सिक थे, जिससे वे बाद में उबर गये।[1] उन्होने मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल और बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल, नई दिल्ली के वसंत विहार के माडर्न स्कूलऔर स्विट्ज़रलैंड के एग्लों कॉलेज से पढायी की. फिर वह संयुक्त राज्य अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में पढने गए पर जब उनके पिता की कंपनी ऐ बी सी एल संकट में थी तब बीच में ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ कर अभिनय को अपना लिया।

अभिषेक ने अपने कैरियर की शुरुआत जेपी दत्ता की साधारणतया सफल फ़िल्म रिफ्यूजी से करीना कपूर के साथ २००० में की, परन्तु सफलता करीना को मिली[2] अगले चार साल की अवधि में बच्चन ने कई फ़िल्में बिना किसी बड़ी बॉक्स ऑफिस की सफलता के की, जैसे की अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ कुछ ना कहो वर्ष २००४ उनके लिए एक अच्छा वर्ष था। मणिरत्नम की युवा में उनके प्रदर्शन ने उनकी अभिनय क्षमता को साबित किया।[3] उसी साल, उन्होंने धूममें अभिनय किया जो उनकी पहली बड़ी हिट थी[4]. २००५ में, उन्होने चार लगातार हिट फ़िल्में: बंटी और बबली, सरकार', दस और ब्लाफ़मास्टर दीं[5]. उन्होने अपना दूसरा फ़िल्म फेयर पुरस्कार सरकार में अभिनय के लिये सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता वर्ग में जीता. बच्चन को पहली बार सर्वश्रेठ अभिनेता वर्ग में फ़िल्म फेयर पुरस्कार के लिये नामांकित किया गया।

२००६ में उनकी पहली फ़िल्म कभी अलविदा न कहना" (2006) थी जो साल का सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली फ़िल्म थी[6]. उन्होने मणि रत्नम के स्टेज शो नेत्रू, इंद्रु, नाले में कई अन्य कलाकारों के साथ काम किया। उनकी दूसरी फ़िल्म उमराव जान बॉक्स ऑफिस पर अच्छा करने में विफल रही और उनके और ऐश्वर्या राय के सम्बंधों की अफवाह उठी. उनकी तीसरी फ़िल्म धूम 2 थी जो सफल फ़िल्म धूम की उत्तर-कृति थी। इस फ़िल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा किया, परन्तु सफलता का श्रेय पिछली फ़िल्म की तरह खलनायक बने ऋतिक रोशन को मिला[7].

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