समाजशास्त्र रोजगार

समाजशास्त्र एक ऐसा विषय है, जिसका सीधा संबंध सामाजिक सरोकारों से जुड़ा होता है। इसके माध्यम से आप एक पंथ दो काज कर सकते हैं। एक तो आपको रोजगार मिल जाएगा, दूसरा समाज से हमेशा जुड़े रहने और उसकी समस्याओं को दूर करने के अवसर भी आपको बराबर मिलते रहेंगे।

Posted 1 month ago in Other.

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Dipika Solanki
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समाजशास्त्र एक ऐसा विषय है, जिसका सीधा संबंध सामाजिक सरोकारों से जुड़ा होता है। इसके माध्यम से आप एक पंथ दो काज कर सकते हैं। एक तो आपको रोजगार मिल जाएगा, दूसरा समाज से हमेशा जुड़े रहने और उसकी समस्याओं को दूर करने के अवसर भी आपको बराबर मिलते रहेंगे। इस विषय के प्रति पिछले एक दशक में लोगों का रुझान खूब बढ़ा है। ऐसे में समाजशास्त्र में ग्रेजुएशन करने के बाद क्या करें और कहां से करें, कितना खर्चा आएगा आदि जानकारी इस लेख में दी गई है।

समाजशास्त्र में स्नातक के बाद विदेशों में पढ़ाई के अवसर  
समाजशास्त्र में स्नातक करने के बाद विदेशों में स्नातकोत्तर करने के लिए कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं। समाजशास्त्र एक ऐसा विषय है, जिसमें देश में ही नहीं, विदेशों में भी स्नातक करने के बाद पढ़ाई के कई अवसर मौजूद हैं। यूएन से लेकर विश्व बैंक तक, व्यापार से लेकर कॉरपोरेट जगत तक आज सभी इसकी उपयोगिता और आवश्यकता को समझते हैं।
तभी तो बिल गेट्स से लेकर अजीम प्रेमजी तक सभी ने अपनी कंपनी की ब्रैंड विजिबिलिटी को बढ़ाने के लिए समाजसेवा को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी का हिस्सा बना लिया है। ऐसे में रोजगार के अवसर बढ़ाना तो स्वाभाविक है ही, साथ ही इसके प्रति छात्रों का रुझान भी बढ़ा है। समाजशास्त्र में स्नातक करने के बाद 
विदेश से कौन-कौन से कोर्स किये जा सकते हैं, उसकी एक झलक इस प्रकार है-

उपरोक्त सभी क्षेत्रों को कई भागों में विभाजित किया जाता है। मसलन, समाजशास्त्र में मास्टर करने के लिए इससे संबंधित और भी कई क्षेत्र उपलब्ध हैं, जैसे- स्वास्थ्य विज्ञान, पुनर्वास एवं परामर्श, बीमा सुरक्षा, डिप्लोमा इन मेंटली चैलेंज्ड चिल्ड्रन, अर्बन डेवलपमेंट आदि।

समाजशास्त्र में मास्टर्स के बाद रोजगार के विकल्प 
समाजशास्त्र अथवा इससे संबद्ध विषयों में स्नातकोत्तर करने के बाद छात्रों के पास रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं। मसलन, इस विषय में मास्टर करने वाला छात्र निम्नलिखित में से किसी भी क्षेत्र में अपनी जगह बना सकता है। जैसे-

शिक्षण और इससे जुड़े हुए व्यवसाय में आपराधिक न्याय, समाज कल्याण, सरकारी परियोजना, परामर्शदाता के रूप में, दान और समाज सेवी संस्थानों में, समाज कल्याण से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में, जैसे यूनेस्को, यूएन, डब्ल्यू.एच.ओ., रेडक्रॉस आदि। 

समाजशास्त्र में मास्टर करने के लिए सवरेत्तम स्थान
सामाजिक संगठनों की सामाजिक हिस्सेदारी से लेकर सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता सभी का रास्ता इसी विषय के अध्ययन-अध्यापन के बीच में से होकर निकलता है। विश्व के लगभग सभी प्रमुख संस्थानों में इसकी पढ़ाई होती है। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक और चीन से लेकर जापान तक सभी जगह इस विषय को सोशल साइंस के नाम से पढ़ाया जाता है। जहां तक भारतीय छात्रों की जरूरतों को देखते हुए इसके अध्ययन की व्यवस्था है तो सबसे पहली पसंद के रूप में ब्रिटेन अथवा अमेरिका हैं। इन सबमें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स का विशेष स्थान है। इसके बाद अमेरिका की हॉर्वर्ड, येल यूनिवर्सिटी, पेंसिलवेनिया अन्य प्रमुख संस्थान हैं।

कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड का भी सोशल साइंस के क्षेत्र में विशेष स्थान रहा है।

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