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grechyutee mein pherabadal, jaanen kendreey karmachaariyon par kitana aur kaise padega asar

Posted 4 months ago in .

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Raj Singh
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केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार से हाल ही में खुशखबरी मिली

थी, क्योंकि केंद्र ने उन्हें कुछ नए लाभ मुहैया कराए थे। नौकरी

छोड़ने या सेवानिवृत्ति की स्थिति में इन नए लाभों से बड़े स्तर

पर कर्मचारियों को फायदा होगा। इन लाभों में सबसे अहम

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत मिलने वाली ग्रेच्युटी थी।

दरअसल, केंद्र ग्रेच्युटी की सीलिंग 10 लाख से बढ़ाकर 20

लाख रुपए करने पर मंजूर हो गया है। सरकार ने इसके

अलावा ग्रेच्युटी बिल के तहत फॉर्मल सेक्टर के कमर्चारियों के

पेमेंट में संशोधन किया है। केंद्र ने टैक्स फ्री ग्रेच्युटी सीमा को

10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया है। ऐसे में यह उन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बूस्टर के तौर पर होगा, जो


सेवानिवृत्ति पर अपने बैंक खातों में बड़ी रकम मिलने की

उम्मीद में हैं।

इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों को न सिर्फ अधिक ग्रेच्युटी

मिलेगी, बल्कि वे बड़े स्तर पर कर में बचत भी करेंगे। यानी

अब उन्हें अधिक टैक्स नहीं चुकाना होगा। बता दें कि फॉर्मल

सेक्टर का कर्मचारी वह व्यक्ति होता है, जो सामान्य शिफ्ट के

हिसाब से काम करता और दैनिक वेतन पाता है। ये कर्मचारी

संगठित क्षेत्र के होते हैं और वे देश की जीएनपी (ग्रॉस नेशनल

प्रॉडक्ट) व जीडीपी (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रॉडक्ट) में अपना

सहयोग देते हैं। वे कर भी चुकाते हैं और सरकार इस चीज पर

नजर रखती है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी मौद्रिक लाभ होती है।

हालांकि, यह लाभ हर माह नहीं मिलता है। सरकारी और निजी

क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी के प्रावधान और नियम

पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत आते हैं। ग्रेच्युटी

लाभ कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, 4 साल, 10 महीने, 11

दिन एक ही जगह काम करने और मृत्यु/दिव्यांगता या सेवा के

दौरान बीमार होने पर मिलता है।

'क्लियर टैक्स' के मुताबिक, पांच साल एक ही जगह करने पर हर साल के बदले आखिरी महीने का मूल वेतन और महंगाई

भत्ता जोड़कर उसे पहले 15 से गुणा किया जाता है। फिर

नौकरी के सालों की संख्या से और इसके बाद हासिल होने

वाली रकम को 26 से भाग कर दिया जाता है। अब जो

रिजल्ट आएगा, वहीं आपकी ग्रेच्युटी होगा।

[(अंतिम माह का बेसिक वेतन + महंगाई भत्ता) x 15 x सेवा में

दिए गए साल] / 26

मान लीजिए, रोहन प्रति माह एक लाख रुपए तनख्वाह

(बेसिक + डीए) पाते हैं। उन्हें 11 लाख की ग्रेच्युटी मिलनी है

और वह सेवा में पिछले 19 साल सात महीने से हैं। दिए गए

टेबल के मुताबिक, अगर ग्रेच्युटी की रकम 20 लाख से ऊपर

होगी, तब उस कर्मचारी को उस प6र लगने वाला टैक्स नहीं

चुकाना होगा।

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