Jaam Mein Phanse Bachche

Mareejon Ko Bhee Huee Dikkat

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Posted 2 meses in Historia y Datos.

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Raj Singh
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जाम में फंसे बच्चे, मरीजों को भी हुई दिक्कत 

कई स्कूलों की बसें नहीं निकलीं बाहर, परिजनों को बुलाया

गया स्कूल 

भूख, प्यास से तड़पे बच्चे, शहर में वाहन घुसने से रोकती रही

पुलिस

अमर उजाला ब्यूरो 

प्रतापगढ़। वकीलों के आक्रोश का शिकार स्कूली बच्चे भी हुए।

मंगलवार को सुबह दस बजे से लगे जाम में संस्कार ग्लोबल

स्कूल, एंजिल्स इंटर कॉलेज, संगम इंटरनेशनल स्कूल और

वीएस मेमोरियल के वाहन फंसे रहे। अंबेडकर चौराहा, ट्रेजरी

चौराहा, लोक निर्माण विभाग तिराहे पर भारी जाम लगने के

बाद पूरे शहर में वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इससे

राहगीरों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा।

पुलिसकर्मी चिलबिला और भुपियामऊ की ओर से आनै वाले

वाहनों को अंदर नहीं घुसने नहीं दे रहे थे। 

सुबह दस बजे कचहरी पहुंचे अधिवक्ताओं ने ट्रेजरी चौराहा,

पुलिस लाइन तिराहा, एसपी आफिस के सामने और लोक

निर्माण विभाग तिराहे के सामने एकत्रित होकर जाम लगा

दिया। इससे पूरे शहर में आवागमन ठप हो गया। शहर को

जाम से बचाने और किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए

पुलिस ने शहर में वाहनों के घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया।

सुल्तानपुर से प्रयागराज जाने वाले वाहनों को पट्टी मार्ग से

निकाला गया, जबकि प्रयागराज से सुल्तानपुर जाने वाले

वाहनों को भुपियामऊ वाया रानीगंज, पट्टी के मार्ग से गुजारा

गया। सबसे बड़ी दिक्कत तब खड़ी हो गई जब एक बजे शहर

के स्कूलों की छुट्टी हुई। कई स्कूलों के वाहन जाम में फंस गए।

इससे बच्चे भूख-प्यास से तड़पते रहे।

संस्कार ग्लोबल स्कूल, एंजिल्स इंटर कालेज, संगम

इंटरनेशनल स्कूल और वीएस मेमोरियल सहित अनेक स्कूलों

की बसें जाम में घंटों फंसी रहीं।कुछ स्कूली वाहन मौका पाकर

पीछे से निकल गए। प्रभात एकेडमी, साकेत गर्ल्स पीजी

कॉलेज सहित कई स्कूलों की बसें स्कूल से बाहर ही नहीं

निकलीं। अभिभावकों को फोन कर स्कूल बुलाया गया और

बच्चों को परिजनों के हवाले किया गया। बच्चों को लेकर लोग

पैदल ही घरों की तरफ जाते दिखे।

महिलाएं भी बच्चों को लेकर पैदल ही स्कूल से घर पहुचीं।

बच्चों का भूख-प्यास से बुरा हाल था। जाम में राहगीरों के

साथ मरीज भी परेशान हुए। ईरिक्शा तक न चलने से लोगों

को पैदल ही जाना पड़ा।

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