SEEZAN ME BHI AATIRIKT KHARCHA UUTHANA PATH RAHA HE

BHIVAANEE (PANKES):RAAM JEE! MHAARAI SAATH TO NYOON DAGA NA KARO, HAAMMAI NAI THAARA KE BIGAADA SAI.

Posted 2 months ago in .

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Raj Singh
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भिवानी (पंकेस):राम जी! म्हारै साथ तो न्यूं दगा ना करो,

हाम्मै नै थारा के बिगाड़ा सै। यह बात हम नहीं, बल्कि जिले के

मुंढाल, चांग, तालू, तोशाम, धनाना, गुजरानी, सिवानी,

बडेसरा, बलियाली, खरक, कलिंगा आदि क्षेत्रों के किसान कह

रहे हैं। उनकी बात भी जायज है, क्योंकि बुधवार शाम से लेकर

वीरवार दोपहर तक जिले के बाकि एरिया में कोई भी ऐसा

गांव नहीं जिनमें 50 से 100 एम.एम. तक बारिश न हुई हो।

इनमें खासकर लोहारू से सटे गांवों में बारिश का पैमाना 100

एम.एम. से भी ज्यादा आंका गया है। वहीं, मौसम विभाग की

भविष्यवाणी है कि शुक्रवार को भी जिले में झमाझम बारिश

हो सकती है। वहीं, वीरवार सुबह 3 बजे से दोपहर एक बजे

तक हुई बारिश के चलते जिले का अधिकतम तापमान 10

डिग्री सैल्सियस और लुढककर 32 डिग्री पर आ गया है।यहां

बता दें कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार बुधवार दोपहर बाद जिले में बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ था

वह वीरवार दोपहर 1 बजे तक जारी था।उसके बाद पूरे दिन

जिले के आसमान पर बादल छाए रहे।

इसके चलते यहां के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में

एकदम से गिरावट आ गई है। इसमें बुधवार को जहां जिले का

अधिकतम तापमान 42 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 35 डिग्री

सैल्सियस तक पहुंच गया था। मगर बुधवार शाम और बुधवार

को जिले को हुई झमाझम बारिश के चलते जिले का

अधिकतम तापमान 32 तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री

सैल्सियस दर्ज किया गया।

झील बन गई थीं लोहारू और शहर की सड़कें 


इस बारिश के चलते खासकर लोहारू की सभी सड़कें और

भिवानी शहर के दिनोद गेट, पूरे सर्कुलर रोड, बावड़ी गेट,

हांसी रोड, विजय नगर, विकास नगर, एम.सी. कालोनी, हालु मोहल्ला, रोहतक गेट और दादरी गेट से लोहारू रोड

ओवरब्रिज तक की सड़कें वीरवार सुबह एक बार फिर से

बरसाती पानी जमा होने से झील जैसी बन गई थी। इसके

चलते वाहन चालकों को यह ही नहीं पता चल पा रहा था कि

सड़क में कहां सीवरेज के मैनहोल और कहां गड्ढे हैं। वहीं कई

वाहन इस पानी के चलते बीच सड़क में ही बंद हो रहे थे।

इसलिए लोग अपने वाहनों को धक्के लगाकर पानी से बाहर

निकालने का काम कर रहे थे।

इस समय जो बारिश हो रही है, वह मानसूनी बारिश है। इसलिए यह बारिश सभी जगह होनी चाहिए। मगर जिन क्षेत्रों

में यह बारिश नहीं हो रही उन क्षेत्रों के किसानों को डीजल से चलने वाले इंजनों से ट्यूबवैलों के माध्यम से सिंचाई करनी पड़

रही है। इससे उन क्षेत्रों के किसानों को अब मानसून के इस

सीजन में भी अतिरिक्त खर्चा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में इस समय बारिश हो रही है उन क्षेत्रों के

किसान अभी अपनी फसलों में स्प्रे और निराई गुड़ाई का का

म बंद कर दें। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर

उन्होंने इस मौसम में ऐसा किया तो ना तो उनके द्वारा उनकी

फसलों की स्प्रे काम करेगी और न ही निराई और गुड़ाई।

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