Samay ki kimat 2019

Time Management Tips in Hindi

Posted 17 days ago in History and Facts.

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Pawan Malviya
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मेसन का यह कहना कितना सत्य है कि 'जैसे सोने का प्रत्येक धागा मूल्यवान होता है,

उसी तरह समय का प्रत्येक क्षण भी मूल्यवान होता है?' समय निरंतर गतिमान है। न तो वह कभी रुकता है

और न ही कभी लौटकर वापस आता है।

मिनट, घंटे, सप्ताह, महीने और वर्ष बीत जाते हैं। 

इतना समय व्यर्थ जाने के बाद हमें यह समझ में आता है

कि हमने केवल अपना कीमती समय ही बर्बाद किया है। प्रसिद्ध विचारक फ्रेंकलिन ने कहा है-

'सोने से पहले अपने सारे क्रिया-कलापों को एक डायरी में लिखो।

सुबह उठकर उसे पढ़ो और मनन करो कि बीते कल का तुमने कितना सदुपयोग किया?

कल तुमने क्या खोया, क्या पाया? तुम्हारे कल के कर्म भावी जीवन पर क्या प्रभाव डाल सकते हैं?

तब तुम्हें अपने वर्तमान और भविष्य की सच्ची तस्वीर दिखाई देगी। तुमको पता चल पाएगा कि तुम अपना कितना समय अकारण गंवा रहे हो?

यह भी आप जान पाओगे कि क्यों तुम्हारे सपने पूरे नहीं हो रहे?

' पिछले समय का लेखा-जोखा करके हम अपने जीवन से बहुत कुछ सीख सकते हैं। 

किस काम को करने से हमें कितनी हानि हुई और किस काम को करने से कितना लाभ हुआ-

यह हमें सबसे पहले देखना चाहिए। उद्योगपति लॉर्ड लेवल को एक सौदा तय करने सुबह दस बजे जाना था,

मगर आलस्य के कारण वह साढ़े दस बजे पहुंचे। दूसरा व्यापारी जा चुका था।

वह उनके नाम एक पुर्जा छोड़ गया था, जिस पर लिखा था, 'जो व्यक्ति समय का पांबद नहीं, उससे क्या सौदा किया जाए?

वह वादे के अनुसार समय पर कभी माल नहीं भेज सकता।' पर्ची पढ़ते ही लेवल की हवाइयां उड़ गईं।

लाखों के नुकसान से उन्होंने एक सबक सीखा- समय की पाबंदी।

हम लापरवाही में दूसरों के समय की कीमत नहीं समझते, तो उनके द्वारा हम ठुकरा दिए जाते हैं।


इसलिए पछताने से अच्छा है कि समय का सदुपयोग करके अपने जीवन का उद्देश्य प्राप्त करें।

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