unke Rashtrapati GM se Mulakat Modi ji

ममल्लापुरम की पहचान सांस्कृतिक नगरी के रूप में रही है। यह पराक्रमी पल्लव राजाओं के फलते-फूलते बंदरगाह का ऐतिहासिक स्थल भी है। चीन और पल्लव राजाओं के बीच द्विपक्

Posted 9 days ago in Other.

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Seema thakur
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नई दिल्ली- चीन और भारत का द्विपक्षीय संबंध 100-200 साल नहीं, बल्कि 2000 साल पुराना है और ममल्लापुरम 21वीं सदी में भी उसका जीता-जागता उदाहरण है। यही वजह है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दूसरे अनौपचारिक सम्मेलन के लिए दोनों देशों ने तमिलनाडु के इस ऐतिहासिक स्थल को चुना है। भौगोलिकरण के दौर में दो देशों के बीच कूटनीतिक और सीमा संबंधों में चाहे जो भी मुद्दे रहें, व्यापार एक ऐसा विषय बन चुका है, जिसे नजरअंदाज करने का जोखिम दुनिया का कोई भी देश नहीं ले सकता। चीन और भारत दोनों मुल्क दुनिया के सबसे बड़े आबादी वाले देश भी हैं और सबसे बड़े बाजार भी। यही वजह है कि बात जब घोर कूटनीति की भी निकलती है तो उसमें व्यापारिक हित सबके लिए बहुत ज्यादा मायने रखते हैं। ममल्लापुरम में भारत और चीन के व्यापारिक रिश्तों की नींव बेहद गहरी 0है। वह ऐतिहासिक भी है, सांस्कृतिक भी है और व्यापारिक भी। शायद यही वजह है कि दोनों नेता यहां पर अनौपचारिक दौर की बातचीत करके दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को एक और नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं।
Tags: Modi,

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